बाले मियां के मेले में लगा झूला।
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बहरामपुर स्थित आस्ताने पर शुक्रवार को बाले मियां के मेले की औपचारिक शुरुआत सादगी से हुई। मुतवल्ली इस्लाम हाशमी ने फीता काटकर मेले का उद्घाटन किया। मुख्य मेला 14 मई को होगा। इस दिन अकीदतमंद पलंग-पीढ़ी चढ़ाकर मन्नत मांगते हैं।
शुक्रवार को सुबह से ही हजरत सैय्यद सालार मसऊद गाजी उर्फ बाले मियां के आस्ताने पर अकीदतमंदों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हुआ। शाम तक आस्ताने पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए थे। मेले का मुख्य दिन जेठ के प्रथम रविवार को होता है। इसी दिन जोहरा बीबी की रूहानी शादी की रस्म अदा की जाती है। यह रस्म 14 मई को की जाएगी। कई एकड़ मैदान में फैले मेला परिसर में खानपान व मनोरंजन की दुकानें सज गई हैं।
चारों तरफ कव्वालियों के कैसेट बज रहे हैं। बाले मियां के करम की उम्मीदें लिए अकीदतमंदों ने दरगाह पर पहुंचना शुरू दिया है। अकीदतमंदों ने आस्ताने पर दुआएं मांगी और मेले का लुत्फ लिया। मुतवल्ली इस्लाम हाशमी ने कहा कि दरगाह में सभी धर्मों के मानने वाले लोग आते हैं। यही वजह है कि एक माह तक चलने वाले इस एतिहासिक मेले में बहुत भीड़ होती है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व नगर निगम से परिसर में सफाई, पेयजल, पथ प्रकाश और अस्थायी शौचालय बनाने की मांग की।