आयुष्मान भारत योजना : गोल्डन कार्ड बनाने में पहले स्थान पर पहुंचा गोरखपुर
गोरखपुर। आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रदेश में सर्वाधिक गोल्डन कार्ड बनाने में गोरखपुर अव्वल हो गया है। जिले में 1.66 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। इससे पहले कार्ड बनाने में बिजनौर प्रदेश में पहले स्थान था। आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि वर्तमान में गोरखपुर बिजनौर से करीब छह हजार कार्ड आगे चल रहा है। गोल्डन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करने में भी जिला प्रथम स्थान पर है। गोरखपुर में योजना के 2.99 लाख लाभार्थी परिवार हैं जिनमें 2.53 लाख लाभार्थी ग्रामीण क्षेत्र में जबकि 46,324 लाभार्थी परिवार शहरी क्षेत्र के हैं। अक्तूबर के अंत तक सभी 2.99 लाख गोल्डन कार्ड बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
आयुष्मान भारत योजना के नोडल अधिकारी एसीएमओ डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में गोल्डन कार्ड बनाने के लिए 30 सितंबर तक अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के दौरान बीते बीस दिन में लगभग 33 हजार कार्ड बनाए गए। 18 सितंबर तक बिजनौर करीब डेढ़ लाख गोल्डन कार्ड बना कर प्रदेश में पहले स्थान पर था। 19 सितंबर को ही बिजनौर को पछाड़कर गोरखपुर प्रथम स्थान पर आ गया था। वर्तमान में गोरखपुर 1.66 लाख गोल्डन कार्ड बनाकर प्रथम स्थान पर आ गया है। आयुष्मान योजना की जिला कार्यक्रम समन्वयक डा. संचिता मल्ल के अनुसार गोरखपुर न सिर्फ गोल्डन कार्ड बनाने में अव्वल है उन्हें आधार कार्ड से लिंक करने में भी प्रदेश में प्रथम चल रहा है। जिले में 98 फीसदी गोल्डन कार्ड्स को आधार कार्ड से लिंक किया जा चुका है। नोडल अधिकारी डा. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि जिले में 2.99 लाख लाभार्थी परिवार हैं, अभी तक 55.5 फीसदी से अधिक गोल्डन कार्ड बनाए जा चुके हैं। बाकी गोल्डन कार्ड अक्तूबर माह के अंत तक बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 30 सितंबर को अभियान समाप्त होने के बाद भी सभी अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, वार्ड और ग्राम पंचायतों में लगातार गोल्डन कार्ड बनाया जाना जारी रखा जाएगा।