पीठ में फंसी है गोली, पुलिस पड़ोसियों से पूछ रही चली थी या नहीं ?
गोरखपुर। हत्या के प्रयास के एक मामले में पीड़ित सेल्समैन के पीठ में गोली फंसी है, बावजूद इसके पुलिस है कि पड़ोसियों से पूछ रही कि फायरिंग हुई थी या नहीं? मामला चिलुआताल थाने का है। गजब हाल यह है कि एफआईआर में हत्या के प्रयास की धारा जुड़वाने के लिए पीड़ित को एसएसपी से गुहार करनी पड़ी।
14 अगस्त की रात शराब के सेल्समैन मनीष जायसवाल को लूट की नीयत से गोली मारी गई, मगर पुलिस ने दर्ज केस में हत्या की कोशिश की धारा ही नहीं लगाई। इतना ही नहीं, मीडिया को भी गुमराह किया गया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर अपनी पीठ थपथपाने को बुलाई गई प्रेस कांफ्रेंस में दिए गए प्रेस नोट में हत्या की कोशिश की धारा का उल्लेख था, मगर बाद में विवेचक के इलाके में जाकर ये पूछने पर कि गोली चली थी या नहीं? पीड़ित को शक हुआ। उसने जब एफआईआर की कापी ठीक से पढ़ी तो धारा 307 (हत्या के प्रयास) का उल्लेख नहीं मिला। पुलिस की इस कार्यप्रणाली से चिंतित पीड़ित मनीष फंसी गोली के साथ बृहस्पतिवार को फरियाद लेकर एसएसपी के पास पहुंचा। इसके पहले भी वह एसएसपी से मिल चुका था। एसएसपी ने थानेदार पर नाराजगी जताई और दो टूक कहा, आरोपी एसएसबी जवान को गिरफ्तार करो या फिर लाइन में आमद करा लो। बाद में थानेदार ने बताया कि अब धारा बढ़ा दी गई है।
यह हुआ था
चिलुआताल के जीतपुर बाजार स्थित शराब की दुकान पर गुलरिहा के रघुनाथपुर निवासी मनीष जायसवाल सेल्समैन हैं। 14 अगस्त की रात वह खाना खाने के बाद दुकान के बाहर हाथ धोने आया था। इसी दौरान बाइक सवार बदमाशों ने उसे गोली मार दी और झोला लूटकर फरार हो गए थे। हालांकि झोले में कुछ नहीं था लेकिन मनीष घायल हो गया। लखनऊ के एक अस्पताल में उसका इलाज हुआ। गोली पीठ में फंसी होने से अभी उसका ऑपरेशन नहीं हो सका है। डॉक्टर ने गोली आगे आने का इंतजार करने को कहा है। साथ ही नियमित चेकअप कराने को कहा है।
तीन आरोपी को भेज चुके हैं जेल
क्राइम ब्रांच की जांच में एसएसबी जवान अभिमन्यु समेत चार लोगों का नाम सामने आया था। 20 अगस्त को पुलिस ने तीन आरोपी सन्नू, साकेत और रोहित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया, लेकिन मुख्य आरोपी अभिमन्यु को नहीं पकड़ सकी। बताया जा रहा है कि एसएसबी जवान होने के साथ ही पुलिस विभाग के एक अफसर के दबाव में उसकी गिरफ्तारी नहीं हो रही है।
मामला गंभीर है। हत्या की कोशिश की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपी की गिरफ्तारी का आदेश दिया गया है। आगे कोई भी लापरवाही सामने आई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. सुनील कुमार गुप्ता, एसएसपी