दहेज हत्या के आरोपियों को गिरफ्तारी करने गई पुलिस टीम को उलटे पांव भागकर जान बचाना पड़ा। थानेदार समेत टीम पर ग्रामीणों ने हमला बोल दिया और फिर जैसे तैसे पुलिस गांव से सुरक्षित निकलकर बाहर आई। अब पुलिस ने 18 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। हालांकि अभी आरोपियों को पुलिस पकड़ नहीं सकी है। इस दौरान कुछ पुलिस वाले चोटिल भी हुए थे।
अमसार गांव की गुंजा सिंह की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हुई थी। मृतक महिला की मां ने दहेज हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोपियों के फुलवरिया गांव के मान सिंह के घर में आरोपियों के होने की जानकारी मिली थी। सूचना पर थानेदार बीबी राजभर, दीवान नदीम, सिपाही राजेश, महिला सिपाही खुशबू, चालक बीरबल सिंह, चौकी प्रभारी अवधेश त्रिपाठी, राजेश तिवारी के साथ बुधवार की रात आठ बजे गांव में दबिश को पहुंच गए। सभी एक कमरे में टीवी देख रहे थे। पुलिस ने घेराबंदी कर बंद दरवाजे को खोलने के लिए दबाव बनाया लेकिन आरोपी बंद दरवाजे को खोलने के बजाय पिछले दरवाजे से बाहर निकल गए।
इधर, उनके समर्थन में आए लोगों ने पुलिस टीम को घेर लिया। खुद को घिरता देख पुलिस वाले भागकर जान बचाए। पुलिस ने रणजीत सिंह, टुन्नू सिंह, धर्मेंद्र सिंह, राजेश सिंह, पिंटू सिंह, बबलू सिंह, रंभू समेत 18 लोगों के खिलाफ बलवा, मारपीट, सरकारी काम में बांधा डालने सहित कई धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। कुछ पुलिस वालों को मामूली चोट आई थी। जिनका अस्पताल में उपचार कराया गया।