आशा बहुओं का आंदोलन बढ़ता जा रहा है। बुधवार सुबह राज्यमंत्री से वार्ता और आश्वासन के बाद आंदोलन खत्म करने का फैसला करने वाली आशाओं ने शाम होते ही फैसले को बदल दिया। अब गोरखपुर-बस्ती मंडल में स्वास्थ्य विभाग द्वारा दी गई तहरीर के विरोध में जेल भरो आंदोलन करने का फैसला लिया गया है। बृहस्पतिवार को सभी आशाएं प्रमुख सचिव के सामने गिरफ्तारी देंगी।
मानदेय निर्धारण की मांग को लेकर गोरखपुर और बस्ती मंडल की आशा बहुएं बीते 18 दिनों से आंदोलन कर रही हैं। 25 सितंबर से शुरू हुए पल्स पोलियो अभियान का भी उन्होंने बहिष्कार कर रखा है और सीएचसी, पीएचसी पर वैक्सीन कक्ष में ताला जड़ दिया है। शासन लगातार उनके आंदोलन खत्म करने की कवायद कर रहा था। इसी सिलसिले में स्वास्थ्य राज्यमंत्री रविदास मेहरोत्रा ने बुधवार को लखनऊ में आशा महिला कार्यकर्ता संघ की राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदा यादव से मुलाकात की।
मंत्री ने मांग पूरा करने का आश्वासन दिया, जिसके बाद चंदा यादव ने आंदोलन खत्म करने का फैसला किया। बुधवार को जब अध्यक्ष ने अपने फैसले की जानकारी दी तो एक दर्जन ब्लॉक की आशाएं ये कहते हुए भड़क गईं कि स्वास्थ्य विभाग ने उनके खिलाफ मुकदमे दर्ज कराएं है, ऐसे में राज्यमंत्री के केवल मांग पूरा करने के आश्वासन से ही हमारा आंदोलन खत्म नहीं होगा। जिसके बाद जेल भरो आंदोलन करने का फैसला किया गया।