गांवों में स्वास्थ्य सेवा बेहतर बनाने के लिए तैनात की गईं आशा मरीजों को प्राइवेट अस्पतालों में पहुंचाने का काम कर रही हैं। इसका पर्दाफाश सीएमओ की जांच में हुआ है। पिछले दिनों पिपराइच के एक नर्सिंग होम को सीज करने के बाद शुरू हुई जांच में कुशीनगर की आशा का नाम सामने आया है। उसे बर्खास्त करने के लिए कुशीनगर सीएमओ को पत्र लिखा गया है। साथ ही गोरखपुर में भी आशाओं की जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि इस काम के लिए आशा कमीशन के तौर पर मोटी रकम ले रही हैं।
मालूम हो कि पिपराइच में छह अगस्त को बिना लाइसेंस नर्सिंग होम चलाने की सूचना मिलने पर सीएमओ ने छापेमारी की थी, जिसमें शिकायत सही मिलने पर उसे सीज कर दिया गया था। छापे के समय अस्पताल में भर्ती कुशीनगर के रामपुर माफी निवासी मीरा देवी प्रसव पीड़ा से कराह रही थी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इलाज के लिए उसे सीएचसी पिपराइच में भर्ती कराया था। सीएमओ ने पूरे मामले की जांच कराई तो कुशीनगर की आशा का नाम सामने आया। मीरा देवी को कुशीनगर की आशा शारदा देवी ही यहां लाई थी। खुद पीड़िता व उसके पति ने बयान में इसकी तस्दीक की है। दोनों ने बताया कि क्षेत्र के कई महिलाओं का इलाज इसी अस्पताल में हुआ है।
जांच में आशा का नाम सामने आया है, जिसे बर्खास्त करने के लिए कुशीनगर के सीएमओ को पत्र लिखा गया है। गंभीर मामला है इस रैकेट की भी जांच की जा रही है।
- डॉ. रवींद्र कुमार, सीएमओ