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सेना के जवान को सिपाही ने जड़ा थप्पड़ , युवाओं ने सड़क पर किया हंगामा

Fri, 22 Mar 2019 09:33 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, महराजगंज
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घटनास्थल पर पहुंची पुलिस लोगों को शांत करते हुए - फोटो : अमर उजाला
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शहर में लोक निर्माण विभाग कार्यालय गेट के पास शुक्रवार की देर शाम सेना के जवान को एक सिपाही ने थप्पड़ जड़ दिया। जिससे माहौल गर्म हो गया। जवान के पक्ष में तमाम युवाओं ने हंगामा करते हुए कॉलेज मार्ग को जाम कर प्रदर्शन किया। यह देख पुलिस की बेचैनी बढ़ गई। वहीं, थप्पड़ मारने वाले सिपाही धिरे से खिसक लिया। युवाओं के आक्रोश को देखते हुए पुलिस मौके पर पहुंचकर सभी को समझाने का प्रयास करने लगी।

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सेना के जवान ने कहा कि बाइक किनारे खड़ा करना अपराध के दायरे में आता है तो चालान करना चाहिए। सिपाही ने किस अधिकार के तहत थप्पड़ मारा है। उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उधर, पुलिस का तर्क है कि एक ही बाइक पर चार लोग सवार थे। कार्रवाई करने की बात कही गई थी। थप्पड़ नहीं मारा गया है।

लोगों ने बताया कि मणिकांत पांडेय मुंडेरा कला गांव के रहने वाले हैं। यह सेना के जवान हैं। होली की छुट्टी पर घर आए हैं। वह श्रीनगर में तैनात हैं। उनका गांव शहर से सटा हैं। शाम को बाइक से शहर में जरूरी काम से आए थे। लोक निर्माण विभाग के कार्यालय के पास बाइक किनारे लगाकर फोन से बात करने लगे। इतने में एक सिपाही आया तो बगैर कुछ कहे एक थप्पड़ जड़ दिया। सिपाही ने कहा कि सड़क के किनारे मोबाइल से बात मत करो। सिपाही ने जब सेना के जवान को थप्पड़ मार दिया तो आस पास के युवा आक्रोशित हो गए। शहर के तमाम युवा बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। इसके बाद पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कॉलेज मार्ग को जाम कर दिए। युवाओं के आक्रोश को देखते हुए सदर कोतवाल पुलिस के साथ मौके पर पहुंच कर सभी को शांत कराने का प्रयास किए।
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घटनास्थल पर मौजूद प्रदर्शन करते लोग - फोटो : अमर उजाला
पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष शचिंद्र नाथ द्विवेदी ने बताया कि सेना के जवान का अपमान ठीक नहीं है। देश की सेवा करने वाले जवान के साथ ऐसा बर्ताव बेहद निन्दनीय है। आरोपी सिपाही के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।

अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ल ने बताया कि युवाओं का समझा कर मामले को शांत करा गया दिया है। आरोपी आरक्षी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एएसपी के समझाने के बाद जाम समाप्त हुआ। करीब दो घंटे तक हंगामा हुआ। उधर, सेना के जवान मणिकांत का कहना है कि आरक्षी को अपनी गलती माफी मांगनी चाहिए।
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