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अपराजिता अभियान

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‘दोस्त को धक्का या थप्पड़ मारना भी अपराध’
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अमर उजाला की ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के अंतर्गत पुलिस की पाठशाला का आयोजन
गोरखपुर। अमर उजाला की ‘अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स’ मुहिम के अंतर्गत मंगलवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन आरपीएम एकेडमी कुसम्ही में किया गया। विद्यार्थियों की उत्सुकता देखकर मुख्य अतिथि आईपीएस (एएसपी) रोहन प्रमोद बोत्रे ने आगे बढ़कर पाठशाला की कमान संभाल ली। कहा, दोस्त का मजाक उड़ाना, गाली देना, जान से मारने को कहना, डराना, धक्का और थप्पड़ मारना भी अपराध की श्रेणी में आता है। इससे बचना चाहिए।
छात्राओं को सुरक्षा का मंत्र देते हुए कहा कि अपराध के खिलाफ बेटियों को खुद आवाज उठानी होगी। पुलिस से डरने की जरूरत नहीं है। बेझिझक शिकायत करें। आपकी हर संभव मदद को पुलिस तैयार मिलेगी। अब थाने केचक्कर काटने की जरूरत भी नहीं है। डॉयल 100 या वीमेन पावर लाइन 1090 पर फोन करें, जरूर मदद मिलेगी। रोहन प्रमोद बोत्रे ने विद्यार्थियों के सवालों का जवाब भी दिया। चित्रांशु भाष्कर के सवाल, क्या पुलिस राजनेताओं से प्रभावित होती है पर एएसपी ने कहा कि पुलिस निष्पक्ष होकर काम करती है। वो किसी के दबाव में नहीं होती है। छात्रा अपूर्वा ने पूछाकि सब बेटियों को आत्मरक्षा सिखाने की बात करते हैं। क्यों नहीं लड़कों को लड़कियों का सम्मान करना सिखाया जाता? एएसपी ने कहा कि इसकी शुरूआत परिवार से होगी। आप अपने घर से शुरूआत करें। अपने भाई या दोस्त से इसकी पहल करें।
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एएसपी की पत्नी व विशिष्ट अतिथि डॉ. श्रुति ने कहा कि जरा सी सजगता से खुद की सुरक्षा की जा सकती है। लड़कियां कमजोर नहीं होती हैं, आपका मजबूत हौसला ही मनबढ़ों को ठिकाने लगा सकता है। घर से निकलते वक्त खुद के वाहन या पब्लिक ट्रांसपोर्ट के इस्तेमाल को तवज्जो दें। इमरजेंसी एप, आत्मरक्षा प्रशिक्षण या पेपर स्प्रे आपके हथियार हैं।
विद्यार्थियों को पुलिस का नया चेहरा देखने को मिला
आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन अजय शाही ने कहा कि आमतौर पर पुलिस के बारे यह अवधारणा है कि वह ठीक से बात तक नहीं करती, लेकिन इस पाठशाला में पुलिस का नया चेहरा देखने को मिला। बच्चों के बीच पुलिस को लेकर नई समझ बनी। अमर उजाला की ये पहल सराहनीय है। डायरेक्टर आराधना शाही ने कहा कि अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना वक्त की मांग है। इसलिए सतर्क रहें। कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रधानाचार्य मनोज कुमार श्रीवास्तव, कीर्ति त्रिपाठी, विनीता राय और सविता ने सक्रिय भूमिका निभाई।
पाठशाला में मिले टिप्स
यातायात नियमों को पालन करें, हेलमेट लगाकर ही घर से निकलें।
निचले स्तर से समस्या का समाधान न होने पर ऊपर शिकायत करने से न चूकें।
बेटियां आत्मरक्षा का प्रशिक्षण जरूर लें।
बाहर निकलें तो साथ में मिर्च पाउर्डर, पेपर स्प्रे, पेन, पेंसिल, दुपट्टा रखें।
मोबाइल फोन के फास्ट डायल में डॉयल-100 का नंबर रखें।
आटो में बैठने से पहले चालक और गाड़ी नंबर की फोटो लेना न भूलें।
नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दिलाया
अपराजिता अभियान के अंतर्गत आईपीएस रोहन प्रमोद बोत्रे, डॉ. श्रुति, आरपीएम ग्रुप ऑफ स्कूल के चेयरमैन अजय शाही, डायरेक्टर आराधना शाही ने छात्र- छात्राओं को नारी गरिमा को अक्षुण्ण रखने का संकल्प दिलाया। कहा कि घर, स्कूल, समाज में लोगों को महिला सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करें। सभी बच्चों ने एक स्वर में इस अभियान को आगे बढ़ाने का वादा किया।
ये बोली छात्राएं
महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं
अमर उजाला की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बहुत कुछ सीखने को मिला है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलीं। इन पर जरूर अमल करूंगी। अपने परिवार और परिचितों को भी बताऊंगी।
कनिष्का सिंह, कक्षा-10
आगे बढ़ने का हौसला मिला
पुलिस की पाठशाला से आगे बढ़ने का हौसला मिला है। यह भी पता चला कि आगे बढ़ने के लिए शिक्षा के साथ हमें और क्या करना चाहिए। यहां पर मिली तमाम जानकारियों पर अमल करूंगी।
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रिया शर्मा, कक्षा-11
हर कदम पर काम आएगी सीख
इस अनोखे कार्यक्रम से काफी कुछ सीखने-समझने को मिला। यह हर कदम पर काम आएगी। एएसपी सर और डॉक्टर मैडम ने जो सीख दी, उसे सबको अपने जीवन में उतराना चाहिए।
आंचल सिंह, कक्षा-11
अधिकारों का प्रयोग करना होगा
पुलिस की पाठशाला के माध्यम से नारी सशक्तीकरण का नारा बुलंद हुआ है। यहां मिली सीख को सभी को याद रखना होगा और अपनी सुरक्षा के साथ ही साथ अधिकारों का भी प्रयोग करना होगा।
आस्था सिंह, कक्षा-11
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