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मेडिकल कॉलेज में माननीयों का कब्जा

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मेडिकल कालेज की भर्ती में माननीयों का कब्जा ?
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- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं, सांसद के लेटर पैड पर 70, विधायक व जिलाध्यक्ष के पैड पर 47 नामों की सूची
- तो सिफारिश की आग में जलेंगे योग्य अभ्यर्थियों के अरमान
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। महर्षि मेडिकल कालेज में कर्मचारियों की भर्ती में अपने लोगों को नौकरी दिलवाने के लिए सांसद, विधायकों व भाजपा जिलाध्यक्ष के पैड पर बड़ी संख्या में सिफारिश की गईं हैं, यह आरोप लगाते हुए कई माननीयों की कथित सिफारिशी सूची सोशल मीडिया पर वायरल हो रहीं हैं। वाकई माननीयों ने सिफारिश की है, या इसके पीछे किसी की शरारत, यह जांच हो तो पता चलेगा।
खैर, सोशल मीडिया की इस खबर के मुताबिक कुल 175 कर्मियों की भर्ती होनी है, इसमें 117 नामों की सूची माननीयों ने मेडिकल कालेज के प्राचार्य को भेजी है। यह भर्ती मेडिकल कालेज में इसी महीने से शुरू हुई है। मेडिकल कालेज में शासन ने आउट सोर्सिंग से भर्ती की योजना बनाई। इसे अमल में लाने के लिए कंपनी ने प्रत्येक अभ्यर्थी को पंजीकरण कराने के लिए निविदा प्रकाशित कर किया। पंजीकरण की फीस 590 रुपये रखी गई। इसमें करीब 16 हजार अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। 14 अगस्त से यहां भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई। भर्ती के लिए सांसद हरीश द्विवेदी के पैड पर 70, विधायक सदर दयाराम ने 10, विधायक हर्रैया ने 28 तो जिलाध्यक्ष पवन कसौधन ने नौ लोगों के नामों की सूची प्रधानाचार्य को भेजी है।
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अब माननीयों की सुने
मैंने अपने लेटर पैड पर कोई सूची प्रधानाचार्य को नहीं भेजी। यह जांच का विषय है कि किसने यह कार्य किया है। जांच कराई जाएगी। हरीश द्विवेदी,सांसद
यह सूची मैने प्रधानाचार्य के मांगे जाने पर भेजी है। विधायक होने के नाते वे सार्वजनिक जीवन में है। ऐसे में आमजन की पहल व प्रधानाचार्य के मांगें जाने पर सूची भेजी है। दयाराम चौधरी, सदर विधायक
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यह जांच का विषय है कि किसने मेरे लेटर पैड का गलत प्रयोग किया है। लखनऊ से लौटने के बाद मुकदमा दर्ज कराकर इसकी जांच कराऊंगा।
अजय सिंह ,हर्रैया विधायक
मैनें भर्ती की सिफारिश के लिए लेटर पैड पर कोई सूची नहीं भेजी। पवन कसौधन, भाजपा जिलाध्यक्ष
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बोले प्राचार्य
भर्ती प्रक्रिया से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। शासन ने आउट सोर्सिंग से भर्ती के लिए कंपनी का नाम तय कर दिया है। अब कंपनी ही कर्मियों की आपूर्ति करेगी। सांसद-विधायक तो तमाम पत्र लिखते रहते हैं। उसी कड़ी में मुझे भी लेटर पैड पर सूची दी होगी, मगर भर्ती में मेरा कोई हस्तक्षेप नहीं है। डा. नवनीत कुमार, प्राचार्य मेडिकल कालेज
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