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अखिलेश को जीत का भरोसा नहीं : शाह

Sun, 19 Feb 2017 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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प्रेस वार्ता करते अमित शाह। साथ में आदित्यनाथ। - फोटो : Shivharsh Dwivedi
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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस-सपा का साथ दो भ्रष्टाचारी कुनबों का अपवित्र गठबंधन है। लोहिया ने जीवन भर कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ी, उनका अनुयायी होने का दावा करने वाले सपा नेताओं ने सत्ता के लिए उसी पार्टी से गठजोड़ कर लिया।
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शाह शनिवार को एक होटल में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि गठबंधन कर अखिलेश यादव ने अपनी पराजय स्वीकार कर ली है। यदि अखिलेश यादव को विश्वास होता कि वह अपने कार्य के बल पर दोबारा सत्ता में आ सकते हैं तो वह कभी कांग्रेस से गठबंधन नहीं करते। यह साबित करता है कि उन्हें जीत का भरोसा नहीं है। शाह ने नेशनल क्राइम ब्यूरो के आंकड़े गिनाते हुए यूपी को अपराध में सबसे ऊपर बताकर सपा सरकार पर हमला बोला। कहा, समाज का हर तबका परेशान और असुरक्षित है। हत्या, लूट, बलात्कार की घटनाएं आम हो गई हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने अखिलेश सरकार पर बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा को लेकर भी कटाक्ष किया। कहा कि इन मुद्दों का जवाब अखिलेश के पास नहीं हैं। वह गठबंधन के नाम पर जनता की आंख में धूल झोंककर नया जनादेश चाह रहे हैं। बोले, अधूरे मेट्रो व एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कर प्रदेश सरकार झूठी वाहवाही लूट रही है। उनके मंत्री पर बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया है। विधायक पर हत्या-बलात्कार का मुकदमा दर्ज किया गया है। सपा ऐसे लोगों को टिकट देकर दोबारा सत्ता में आने का ख्वाब देख रही है। केंद्र सरकार से मिले ढाई लाख करोड़ रुपये का हिसाब मुख्यमंत्री के पास नहीं है। हर काम में घोटाले हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनी तो सबका विकास होगा। किसानों का कर्ज माफ होगा और बेटियों की शिक्षा मुफ्त होगी। यहां 40 डेयरियां, 80 मेडिकल कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोले जाएंगे। बंद चीनी मिलों को फिर चालू किया जाएगा। औद्योगिक पिछड़ापन दूर किया जाएगा।
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परिवारवाद पर नहीं दे पाए जवाब
अमित शाह ने कहा कि भाजपा परिवारवाद की राजनीति को खत्म कर देगी। जब उनसेे पूछा गया कि बीजेपी ने भी ऐसे लोगों को भी टिकट दिया है, जिनके परिवार के लोग पहले से सांसद-विधायक हैं, ऐसे में वह किस तरह परिवारवाद की राजनीति खत्म करेंगे। तो वह इसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। 
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