पखवाड़े भर से आरडी की रकम जमा न होने के विरोध में एजेंटों ने बुधवार को प्रवर अधीक्षक डाक का घेराव कर अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। डाक विभाग में आरडी जमा करने वाले मंडल में करीब 17 हजार एजेंट हैं, जो महीने में दस करोड़ से अधिक आरडी के रुपये विभाग में जमा कराते हैं। मगर कंप्यूटर के निर्धारित साफ्टवेयर (मीनू) का विंडो नहीं खुलने से रकम जमा नहीं हो पा रहे हैं।
इससे खफा महिला प्रधान एवं राष्ट्रीय बचत अभिकर्ता कल्याण एसोसिएशन उप्र के अध्यक्ष दीनानाथ के नेतृत्व में एजेंटों ने प्रवर अधीक्षक डाक का घेराव किया और ज्ञापन देकर कहा कि एजेंट घर-घर जाकर लोगों के आरडी का खाता खुलवाते हैं। पखवाड़े भर से खाताधारकों के रुपये एजेंटों के पास पड़े हुए हैं, जिसे विभाग के कर्मचारी जमा नहीं कर रहे हैं, जबकि 25 मई को ही वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा था कि यदि सर्वर में परेशानी आ रही है तो आरडी के रकम को मैनुअल जमा किया जाए।
इस दौरान एजेंटो से पेनाल्टी शुल्क भी न लिया जाए। इसके बाद भी आदेश का पालन नहीं हो रहा है। इस पर प्रवर अधीक्षक डाक डीबी त्रिपाठी ने एजेंटों को वरिष्ठ अधिकारियों से बातकर उनकी समस्याओं को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया है। घेराव करने वालों में रामनाथ श्रीवास्तव, मनोज मिश्रा, नीलम पांडेय, अंजू चौबे, अनीता त्रिपाठी, शशिकांत शुक्ला, ओमप्रकाश यादव, वीवी शर्मा, जेडी वर्मा, प्रमोद सिंह आदि थे।
केंद्रीय सर्वर से जो तकनीकी दिक्कतें आ रही थीं, उसे दूर कर लिया गया है। लिहाजा मैंने कर्मचारियों को बोल दिया है कि वे मॉडीफाइड साफ्टवेयर को क्लिक करें और बैक डेट में एजेंटों के रुपये को जमा करें। इसके अलावा यह भी कह दिया है, एक एजेंट के पास जितने भी खाता धारकों के रकम है, सभी को जमा करें।
- डीबी त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक