डेंगू से एक और मरीज की मौत हो गई है। वहीं दो और नए मरीज भी सामने आए है। महामारी बनी इंसेफेलाइटिस के बीच डेंगू से हुई मौतों ने स्वास्थ्य महकमे की व्यवस्थाओं की हकीकत सामने ला दी है। मरने वाली महिला बड़हलगंज की रहने वाली है। बड़ी बात ये है कि इससे पहले भी डेंगू से इस इलाके के तीन लोगों की मौत हो चुकी है। इन चार मौतों से इलाके में दहशत का माहौल है। जिला अस्पताल की जांच में अब तक 86 मरीजों में बीमारी की पुष्टि हो चुकी है। वही जिले के छह मरीज इससे जान गवां चुके हैं।
बड़हलगंज प्रतिनिधि के मुताबिक मोतावी देवी (65) को तेज बुखार होने पर घर वाले मेडिकल कॉलेज लेकर गए। यहां डेंगू की पुष्टि होने के बाद उसे रेफर कर दिया गया। इसके बाद उसे एक प्राइवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था। बीती रात तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनकी मौत हो गई। मौत के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। खबर मिलने के बाद गांव में डेंगू के दहशत से लोग मुश्किल में हैं। वहीं जिला अस्पताल की जांच रिपोर्ट में सहजनवां के 22 वर्षीय अर्जुन शर्मा, गगहा की 48 वर्षीय सुनीता मिश्रा में डेंगू की पुष्टि हुई। सुनीता को वार्ड में भर्ती कराया गया। यहां अब आठ मरीजों का इलाज चल रहा हैं। वहीं अब तक 343 का एलाइजा टेस्ट हो चुका है जिसमें 86 मरीजों में डेंगू की पुष्टि हो चुकी है।
इंसेफेलाइटिस से एक की मौत
मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे में इंसेफेलाइटिस से एक और मरीज की मौत हो गई। वहीं 14 नए मरीजों को भर्ती किया गया है। मरने वाला कुशीनगर का छह वर्षीय वैट्री है। गोरखपुर के चार, संतकबीरनगर, महराजगंज के दो, बस्ती, सिद्धार्थनगर, देवरिया के एक-एक और कुशीनगर के तीन मरीजों को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। जनवरी से अब तक 1303 मरीज भर्ती हो चुके हैं, जिसमें से 336 मरीजों की मौत हो चुकी है। 114 मरीजों का उपचार चल रहा है।