गगहा के राउतपार में मंगलवार की देर रात हुए सड़क हादसे में कार सवार पंजाब नेशनल बैंक के सहायक मैनेजर हरि शंकर शुक्ला और उनकी बेटी डॉ. भव्या की मौत हो गई, जबकि मध्य प्रदेश के मुरैना निवासी दामाद और ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गए। पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक के टक्कर मारने से कार आगे खड़े ट्रक में घुस गई। पुलिस ने गैस कटर के जरिये कार की बॉडी कटवाकर घायलों को बाहर निकलवाया। पुलिस ने दोनों ट्रकों को कब्जे में ले लिया लेकिन चालक फरार हैं। हादसे के शिकार लोग वाराणसी से गोरखपुर आ रहे थे।
हाटा प्रतिनिधि के अनुसार कोतवाली क्षेत्र के पुर्दिलपुर गैस गोदाम गली में रहने वाले हरिशंकर शुक्ला पंजाब नेशनल बैंक, उर्दू बाजार शाखा में सहायक बैंक मैनेजर थे। उनकी इकलौती बेटी भव्या शुक्ला बीएचयू से एमबीबीएस अंतिम वर्ष की पढ़ाई पूरी कर चुकी थी। फाइनल परीक्षा खत्म होने के बाद बेटी को लेने पिता सोमवार को कार से वाराणसी गए थे। मंगलवार की शाम करीब पांच बजे वह बेटी और उसके साथ पढ़ने वाले मध्य प्रदेश के मुरैना के अनमोल शर्मा (जिसके साथ भव्या का रिश्ता तय हो गया था) के साथ गोरखपुर आ रहे थे। कार तिवारीपुर क्षेत्र के अधियारीबाग निवासी मनोज चला रहा था।
रात करीब साढ़े बारह बजे कार गगहा के राउतपार स्थित सिलनी पुलिया के पास पहुंची थी कि सामने खड़े ट्रक को देखकर चालक ने गाड़ी धीमी कर ली। इसके पहले कि वह कार को आगे बढ़ाता, पीछे से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने कार में जोरदार टक्कर मार दी। इसके बाद कार अनियंत्रित होकर आगे खड़े ट्रक में घुस गई। हादसे में हरिशंकर शुक्ला और उनकी बेटी डा. भव्या की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चालक और अनमोल शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद दोनों चालक ट्रक छोड़कर फरार हो गए। सूचना के दो घंटे बाद पहुंची पुलिस ने गैस कटर से कार की बॉडी कटवाकर घायलों को बाहर निकाला।
पुलिस कंट्रोल रूम में नहीं उठा फोन
हादसे के शिकार अनमोल ने होश में आने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम और एंबुलेंस सेवा को कई बार फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। जिला अस्पताल में बातचीत में अनमोल ने बताया कि कंट्रोल रूम और एंबुलेंस के लिए फोन करने पर जब किसी ने कॉल रिसीव नहीं की तो उन्होंने घर वालों और अपने दोस्त मुन्ना सिंह को जानकारी दी। इसी बीच कहीं से सूचना मिलने पर गगहा पुलिस मौके पर पहुंच गई। दो ट्रकों के बीच कार इस कदर क्षतिग्रस्त हो गई थी कि गैस कटर मंगाने के बाद भी तीन घंटे लग गए पिता-पुत्र का शव निकालने में।