खोराबार के डांगीपार में सहेली के साथ नदी की तरफ गई किशोरी पैर फिसलने से नदी में बह गई। सहेली ने बचाने का प्रयास किया लेकिन नदी का बहाव तेज होने के कारण वह उसे बचा नहीं सकी एनडीआरएफ की उसकी तलाश में जुटी है।
क़ुसम्ही के जर्दा टोला निवासी रामचंद्र की पत्नी रविवार को 12 वर्षीय बेटी मुस्कान के साथ डांगीपार स्थित मायके आई थी। भाई को राखी बांधने के बाद उसे बृहस्पतिवार दोपहर घर लौटना था। बुधवार दोपहर मुस्कान गांव की रहने वाली सहेली जरीना के साथ राप्ती नदी किनारे गई थी। पैर फिसलने के कारण वह नदी में गिर गई। जरीना ने उसे बचाने का प्रयास किया लेकिन हाथ छूटने से मुस्कान नदी की धारा में बह गई। बचाने की कोशिश में जरीना भी गहरे पानी में चली गई लेकिन किसी तरह वह बाहर निकल आई।
शोर मचाने पर जुटे गांव के लोगों ने देर शाम तक मुस्कान की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। एनडीआरएफ भी सूचना पाकर मौके पर पहुंची, लेकिन मुस्कान का कोई पता नहीं चला। बृहस्पतिवार की सुबह पहुंचे गोताखोरों ने फिर से मुस्कान की तलाश की। लेकिन कुछ पता नहीं चला। मुस्कान के चाचा श्याम पासवान एनडीआरएफ में है। उनकी पोस्टिंग इस समय तमिलनाडु में हैं। उनकी सूचना पर टीम खोजबीन करने पहुंची थी।
नदी में उतराती मिली तीन लाश
मुस्कान की तलाश में जुटे एनडीआरएफ को राप्ती नदी में तीन लाशें उतराती दिखीं। एक लाश बच्चे की थी, जिसे कुत्ते नोंच कर खा रहे थे। दूसरी बुजुर्ग की थी जो पानी में बह रहीं थी। तीसरी लाश 35 वर्षीय युवक की थी। एनडीआरएफ ने पुलिस को सूचना दे दी। बताया जा रहा है कि तीनों शव कहीं से बह कर आए थे।