गोरखपुर। पोस्टमार्टम की तैयारी होते ही मोर्चरी के बरामदे में पड़ा युवक अचानक उठ खड़ा हुआ। शव ले जाने की तैयारी कर रहे कर्मचारी को सामने देख कहा खाना चाहिए। युवक को अचानक उठते देख कर्मचारी के होश उड़ गए और कर्मचारी भूत-भूत चिल्लाते हुआ भागा। कर्मचारी ने हांफते हुए पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस युवक को इमरजेंसी वार्ड लेकर आई और बाद में उसे टिटनेस वार्ड में भर्ती कराया। यह घटना जिला अस्पताल में बुधवार दोपहर को हुई। हड़कंप के बाद पता चला कि युवक मानसिक रूप से बीमार था और पुलिस उसे मृत समझकर मोर्चरी में पोस्टमार्टम कराने के लिए रख गई थी।
दरअसल मंगलवार को हुई बरसात के दौरान पुलिस ने शास्त्री चौक स्थित एक नाली में पड़े हुए युवक को देखा। पुलिस ने युवक को मृत समझकर उसे इमरजेंसी वार्ड ले जाने के बजाए सीधे मोर्चरी पहुंचा दिया और इस बात की सूचना अस्पताल प्रशासन को दिए बगैर लौट गए। बुधवार की सुबह जब मोर्चरी में शव पड़े होने की सूचना अस्पताल प्रशासन को मिली तो डाक्टरों ने पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। पोस्टमार्टम के लिए 15632 संख्या पर रजिस्ट्रेशन कर पोस्टमार्टम पर भेजने की तैयारी शुरू कर दी। मोर्चरी में काम करने वाला राजू जब मोर्चरी पहुंचा तो बरामदे में पड़े युवक को उठाने में उसे कुछ हरकत महसूस हुई। कुछ ही पल में उसने देखा की युवक अचानक उठ खड़ा हुआ और राजू से खाना मांगने लगा। दहशत में आया राजू बिना कुछ सोचे समझे वहां से भाग गया और अस्पताल में भूत-भूत चिल्लाते हुए सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को फोन करके मामले की सूचना दी। इस दौरान पुलिस मौके पहुंची और राजू से पूछताछ किया। पूरी स्थित से अवगत होने के बाद पुलिस कर्मी मोर्चरी गए और युवक को इमरजेंसी वार्ड में दिखाकर टिटनेस वार्ड में भर्ती करा दिया। युवक कौन है और कहां का रहने वाला है, अभी इसका पता नहीं चल सका है।
पुलिस की लापरवाही ले लेती युवक की जान
संयोग ही था कि बुधवार को अचेत युवक को अपने आप होश आ गया, नहीं तो शायद उसकी जान बचा पाना मुश्किल था। पुलिस की लापरवाही कि वजह से 24 घंटे तक युवक को उपचार नहीं मिल सका और मोर्चरी के बरामदे में वह अचेत ही पड़ा रहा। मंगलवार दिन में पुलिस युवक को लेकर आई थी। आमतौर पर ऐसे मामलों में अचेत लोगों को इमरजेंसी ही पहुंचाना होता है और बिना डॉक्टर के मृत घोषित किए किसी को भी मोर्चरी में रखने का अधिकार नहीं है। पर इन सारे नियमों की जिला अस्पताल में अनदेखी की गई है। पुलिस ने खुद ही उसे मृत घोषित करते हुए मोर्चरी पहुंचा दिया था।