गोरखपुर। दिवाली के मौके पर पटाखे की अस्थाई दुकानें लगाने के लिए पुराने पटाखा विक्रेताओं को इस बार तरजीह दी जाएगी। इन विक्रेताओं को अस्थाई लाइसेंस देने के बाद ही नए विक्रेताओं को लाइसेंस दिया जाएगा। पिछली बार की ही तरह इस बार भी शहर के 13 स्थानों पर पटाखों की बिक्री होगी। दुकानें, दिवाली के तीन दिन पहले से सज जाएंगी।
शुक्रवार को जिला प्रशासन ने सभी पटाखा कारोबारियों की बैठक बुलाई थी। इस दौरान उन्हें चेतावनी दी गई कि वे 125 डेसीबल से अधिक आवाज वाले पटाखे नहीं बनाएंगे और न ही बेचेंगे। सभी को अपने स्टॉक का प्रशासनिक अफसरों से मिलान कराना होगा। किसी भी दशा में माल भीड़ वाले इलाकों में नहीं रखने होंगे। एडीएम (सिटी) बद्री नाथ सिंह ने बताया कि सभी एसडीएम और तहसीलदार को पटाखा कारोबारियों की फैक्ट्री और दुकानों का निरीक्षण करने तथा वहां सुरक्षा के मानकों की जांच का निर्देश दिया गया है। बताया कि जिले में 36 लोगों को पटाखा बनाने के साथ बेचने का भी स्थाई लाइसेंस दिया गया है जबकि सिर्फ बिक्री के लिए दो लोगों को लाइसेंस दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि साल भर के भीतर करीब 20 लोगों के लाइसेंस, नवीनीकरण नहीं कराने की वजह से निरस्त कर दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि दिवाली वाले दिन शहर को जोन और सेक्टर में बांटकर नजर रखी जाएगी। अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और धार्मिक स्थानों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे फोड़ने पर रोक है।