गोरखपुर। मंडी समिति के उपनिदेशक सहित पांच लोगों के खिलाफ खोराबार पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया है। लखनऊ में छत से गिरने के कारण चपरासी की मौत हो गई थी। विभागीय अफसर इसे आत्महत्या बता रहे थे जबकि चपरासी के घरवालों का आरोप है कि अधिकारियों के अनैतिक काम की जानकारी हो जाने के बाद भेद खुलने के भय से लखनऊ ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शनिवार को फलमंडी के सामने शव रखकर लोगों ने जाम लगाया था।
खजनी थानाक्षेत्र के खोरठा का रहने वाला 25 वर्षीय अमित मंडी परिषद गोरखपुर में चपरासी के पद पर कार्यरत था। 11 सितंबर को लखनऊ में छत से गिरकर उसकी मौत हो गई। अमित के घरवालों ने मंडी समिति के उपनिदेशक अंजनी, विभाग के बाबू दयाशंकर, लालजी, गिरजा और गाड़ी चालक जयकिशोर पर उत्पीड़न करने के साथ ही हत्या करने का आरोप लगाया है। कार्रवाई की मांग करते हुए लोगों ने शनिवार को फलमंडी के सामने शव रखकर गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर जाम लगाया था। इस दौरान अमित के परिवार वालों ने पुलिस को एक सुसाइड नोट भी दिखाया था। सोमवार को खोराबार थाने तहरीर लेकर पहुंचे अमित के छोटे भाई रोहित ने बताया कि अमित को उपनिदेशक अंजनी के साथ ही कर्मचारियों के अनैतिक काम की जानकारी मिल गई थी। भेद खुलने के भय से यह लोग उसका उत्पीड़न कर रहे थे। साजिश के तहत लखनऊ ले जाकर उसकी हत्या कर दी गई। थानाध्यक्ष खोराबार जेपी सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है।