गोरखपुर। बसंत सराय को बचाने और उसे संवारने के लिए इंडियन नेशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट एंड कल्चरल हेरिटेज (इंटेक) नगर निगम के साथ मिलकर काम करेेगी। इंटेक की रिपोर्ट मिलने के बाद नगर निगम उसका अध्ययन करेगा। इसके बाद दोनों साथ मिलकर धरोहर को संवारने की कवायद शुरू कर देंगे। साथ ही सराय में रह रहे लोगों का भी ख्याल रखा जाएगा। बृहस्पतिवार को मेयर कक्ष में इंटेक के सदस्यों तथा निगम के अधिकारियों के बीच बसंत सराय को लेकर कई मुद्दों पर बात हुई।
बृहस्पतिवार सुबह 10:30 बजे सीनियर ऑर्किटेक्ट कंजर्वेशन रुकनुद्दीन मिर्जा ने मेयर कक्ष में निगम के अधिकारियों के साथ बैठक की। मिर्जा के साथ इंटेक के स्थानीय सदस्य भी थे। इंटेक के सदस्यों कहना था कि 15 दिनों के अंदर इंटेक बसंत सराय पर अपनी रिपोर्ट निगम को देगा। इसके बाद नगर निगम योजना पर अमल करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। मिर्जा ने सुझाव दिया कि सराय को दिल्ली के ट्रेडिशनल हाट की तर्ज पर विकसित किया जा सकता है। दूसरा सुझाव उसे शानदार पिकनिक स्पॉट बनाए जाने का था। हालांकि कुछ मुद्दों पर इंटेक के सदस्य और निगम के अधिकारी एकमत नहीं हो पाए। नगर आयुक्त का कहना था कि जब तक सारी चीजें हमारे सामने नहीं आ जातीं, हम लोग कोई निर्णय नहीं ले सकते। मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने कहा की नगर आयुक्त ने कुछ बिंदु टीम के सामने उठाएं हैं। रिपोर्ट मिलने पर देखा जाएगा की इन बिंदुओं पर क्या सुझाव आए हैं। मेयर डॉ. सत्या पांडेय कि कुछ भी करने से पहले हमें उन लोगों के बारे में सोचना है जो पीढ़ी दर पीढ़ सराय के एक कमरे में रहते चले आ रहे हैं।
मेयर ने मिर्जा को नगर निगम की लाइब्रेरी और निगम भवन के ऐतिहासिक महत्व से अवगत कराया। इंटेक के ऑर्किटेक्ट ऋृषभ शर्मा ने गीडा स्थित पूर्वांचल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्किटेक्ट डिजाइन के छात्रों के साथ मिलकर बसंत सराय से ईटों और दूसरी चीजों के नमूने लिए। इसके अलावा बसंत सराय में बने कमरों में किसी तरह की मरम्मत पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। दोपहर में इंटेक की टीम ने कमिश्नर राकेश कुमार ओझा से मुलाकात कर बसंत सराय से संबंध में मिली जानकारी से अवगत कराया।