गोरखपुर। जेलों में बंद अंडर ट्रायल (विचाराधीन) बंदियों को जमानत देने का सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद जेल में हलचल बढ़ गई है। शासन से विचाराधीन कैदियों की सूची मांगने के बाद जेल अधीक्षक ने कुल सजा का आधा समय जेल में बिता चुके कैदियों का विवरण जुटाना शुरू कर दिया है। मंडलीय कारागार गोरखपुर में 1105 विचाराधीन कैदी हैं।
मौजूदा समय में कारागार में पुरुष-महिला समेत कुल 1380 बंदी हैं । इनमें 275 सजायाफ्ता हैं। मंडलीय कारागार की क्षमता 822 कैदियों की है। 25 से अधिक ऐसे बंदी हैं जो मामूली अपराध में पकड़े गए हैं। इनके अलावा महिला बैरक में 61 बंदी हैं। जबकि इसकी क्षमता 22 बंदियों की है। सुप्रीम कोर्ट से निर्देश मिलने के बाद एडीजी जेल ने जेल अधीक्षक से ऐसे अंडर ट्रायल बंदियों की संख्या मांगी है जो कुल सजा की आधे से अधिक का समय काट चुके है। जेल सूत्रों की माने तो अब तक 30 ऐसे बंदी चिह्नित भी किए जा चुके हैं जिन्हें जेल से अक्टूबर माह में आजादी मिल सकती है। जेल के अधिकारी राहत देने की शर्तों का भी अवलोकन कर रहे हैं।