गोरखपुर/ खजनी। खजनी बीआरसी (ब्लाक संसाधन केंद्र) पर मिड-डे मील की जानकारी को लेेकर खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) और हेडमास्टर में विवाद शुरू हो गया। दोनों में जमकर नोंकझोंक हुई। बीईओ का आरोप है कि हेडमास्टर ने उनके ऊपर तमंचा तान कर जाने से मारने की धमकी दी। बीईओ की तहरीर पर खजनी थाने में हेडमास्टर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उधर, बीएसए मनिराम सिंह ने हेडमास्टर को निलंबित कर सहजनवां बीआरसी से अटैच कर दिया है और उप बेसिक शिक्षा अधिकारी पारसनाथ कुशवाहा को जांच सौंप दी है।
बीआरसी खजनी में सितंबर महीने में बने मिड-डे मील की सूची सभी विद्यालयों से मांगी गई थी। बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय मंझरिया के हेडमास्टर जीत नारायण सिंह बीआरसी पहुंचे और मौखिक जानकारी देने लगे। समन्वयक ओपी रावत ने सूचना लेने से इंकार कर दिया और खंड शिक्षा अधिकारी से मिलने की बात कही। यह सुनकर हेडमास्टर नाराज हो गए और समन्वयक को अपशब्द कहने लगे। इसी बीच खंड शिक्षा अधिकारी धीरेंद्र त्रिपाठी वहां पहुंच गए और उन्होंने हेडमास्टर से लिखित जानकारी देने को कहा। लेकिन हेडमास्टर अपनी बात पर अड़े रहे। दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। मामला बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने बीच बचाव कर दोनों को हटाया। खंड शिक्षा अधिकारी का आरोप है कि हेडमास्टर ने अपशब्दों का प्रयोग करते हुए असलहा निकाल लिया और मारने की धमकी दी। उनकी तहरीर पर खजनी थाने में हेडमास्टर के खिलाफ आईपीसी की धारा 353, 504, 506 एवं 7 क्रिमनल अमेंडमेंड एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी खंड शिक्षा अधिकारी ने दी थी। मुकदमा दर्ज होने और उनकी शिकायत पर हेडमास्टर को बीआरसी में अभद्र व्यवहार करने और अध्यापक आचरण नियमावली का उल्लंघन करने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है।