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बीएड की सीटें न भरने को यूनिवर्सिटी जिम्मेदार

Wed, 31 Jul 2013 05:33 AM IST
Gorakhpur
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गोरखपुर। बीएड कॉलेजों की सीटें न भरने के लिए आयोजक गोरखपुर विश्वविद्यालय जिम्मेदार है। विश्वविद्यालय ने बीएड काउंसिलिंग के बाबत न तो पर्याप्त प्रचार प्रसार किया न बैंकों के साथ आयोजन समिति से जुड़े लोगों का कोई तालमेल रहा। इसके चलते ज्यादातर विद्यार्थियों को काउंसिलिंग का पता ही नहीं चल सका। इसके अलावा जिन्होंने काउंसिलिंग कराई उन्हें बैंक ड्राफ्ट बनवाने में दिक्कत हुई जिसके चलते वे दाखिला नहीं ले सके। यह मुद्दा एक अगस्त को दिग्विजय नाथ पीजी कॉलेज में आयोजित स्ववित्त पोषित महाविद्यालय प्रबंधक महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में उठेगा। उसी में इस मसले पर भावी रणनीति तय की जाएगी। यह कहना है महासभा के अध्यक्ष श्रीप्रकाश पांडेय का। वह मंगलवार को एक होटल में संवाददाताओं से मुखातिब थे।
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श्री पांडेय ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में स्ववित्त पोषित कॉलेजों की सभी सीटें भरना गोरखपुर विश्वविद्यालय का नैतिक दायित्व है। उन्होंने सुझाव दिया कि अगर विज्ञान के विद्यार्थी न हों तो उनकी सीटों को कला के विद्यार्थियों के बीच समायोजित कर दी जाए। अब तक बीएड में प्रवेश के लिए शुल्क जमा करने वाले विद्यार्थियों की फीस तत्काल कॉलेजों के खातों में हस्तांतरित की जाए।
यह पूछे जाने पर कि कई कॉलेजों से ऐसी शिकायत भी मिली है कि जीरो फीस वाले अभ्यर्थियों का दाखिला नहीं ले रहे स्ववित्त पोषित बीएड कॉलेज, महासभा के अध्यक्ष ने कहा कि ऐसी शिकायत अभी तक मेरे संज्ञान में नहीं आई है। फिर भी महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी की पिछली बैठक में ही तय किया गया था कि नियम विरुद्ध काम करने वाले कॉलेजों से महासभा का कोई सरोकार नहीं रहेगा। अगर कोई कॉलेज ऐसा कर रहा है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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उन्होंने राज्य सरकार से सत्र 2012-13 के बीएड विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति राशि तत्काल विद्यार्थियों के खातों में जमा करने की मांग की। कहा कि इसके बिना विद्यार्थियों के साथ कॉलेजों को भी नुकसान हो रहा है। कहा कि शासनादेश के तहत जीरो बैलेंस पर प्रवेश तो ले लिया जाता है पर सरकार शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि ही समय से नहीं देती है। इससे काफी दिक्कत होती है।
प्रदेश अध्यक्ष ने यूपी बोर्ड और सीबीएसई तथा आईएससी के उत्तीर्ण प्रतिशत के मद्देनजर स्ववित्त पोषित कॉलेजों में 25 फीसदी सीट वृद्धि की मांग की ताकि विद्यार्थियों को दाखिला मिल सके। उन्होंने विश्वविद्यालय से कॉलेजों की संबद्धता तिथि 25 जुलाई से बढ़ा कर 30 अगस्त करने की भी मांग की।
श्री पांडेय ने बताया कि एक अगस्त को प्रस्तावित महासभा की प्रांतीय कार्यकारिणी की बैठक में कानपुर, आगरा, अलीगढ़, वाराणसी, बरेली, फैजाबाद, मेरठ, इटावा, अमेठी, झांसी, आजमगढ़ और गोरखपुर के स्ववित्त पोषित कॉलेजों के प्रतिनिधि भाग लेंगे।
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