गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे में बहुत कुछ नया होने जा रहा है, जहां दो रेल खंडों पर विद्युत ट्रेनों के संचलन की बात पक्की हो गई है वहीं रेलवे स्टेशन पर फूड प्लाजा होगा जहां 24 घंटे भोजन मिलने की गारंटी होगी। एसी कोचेज में चूहों से निपटने की तरकीब तैयार की गई है तो सितंबर तक रेलवे स्टेशन की रीमाडलिंग का भी काम पूरा हो जाने की उम्मीद है।
इन सारी बातों की जानकारी बुधवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में पूर्वोत्तर रेलवे के जीएम केके अटल ने दी । बताया कि छपरा से लखनऊ तक विद्युतीकरण और डबल ट्रैक का काम इस साल पूरा हो जाएगा। बाराबंकी से गोंडा और सीवान से छपरा तक के विद्युत लाइन का काम पूरा हो चुका है। रेलवे प्रशासन ने इस ट्रैक के सीआरएस निरीक्षण के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेज दिया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई के अंतिम सप्ताह में इन दोनो रेल खंडों का निरीक्षण हो जाएगा। कोई गड़बड़ी नहीं मिली तो इस रेल खंड पर भी विद्युत ट्रेनें दौड़ाने को हरी झंडी मिल जाएगी। बताया कि इसी तरह सीवान से चौरीचौरा तक डबल ट्रैक का काम भी जल्द ही पूरा हो जाएगा।
जीएम ने बताया कि छपरा -बाराबंकी के दोहरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। पिछले साल डोमिनगढ़ से सहजनवां(11 किलोमीटर), तथा बुढ़वाल से जहांगीराबाद(19 किलोमीटर) रेल खंडों का दोहरीकरण कर यात्री यातायात के लिए खोला जा चुका है। इसी तरह बैतालपुर-भटनी(28 किलोमीटर) तथा भाटपाररानी-भटनी(12 किलोमीटर ) रेल खंड के दोहरीकरण का काम पूरा कर लिया गया है। गोंडा से गोरखपुर के बीच थोड़ा बहुत काम बचा है। इसके भी दिसम्बर 2013 तक पूरा हो जाने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि जल्द ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन के भीतर 24 घंटे खाने की सुविधा मिलेगी। स्टेशन के द्वितीय श्रेणी गेट के सामने पूर्व में संचालित हो रहे अपूर्वा के स्थान पर आईआरसीटीसी द्वारा फूल प्लाजा खोलने की तैयारी शुरू कर दी गई है। जीएम ने बताया कि जल्द ही बढ़नी से गोंडा और बरेली से कासगंज के आमान परिवर्तन का भी काम शुरू हो जाएगा। बताया कि लखनऊ मंडल के तहत आनन्दनगर-बढ़नी(72 किलोमीटर) रेल खंड और इज्जतनगर मंडल के बरेली-लालकुआं(84 किलोमीटर) रेल खंड के आमान परिवर्तन का काम पूरा कर यातायात के लिए क्रमश: 18 दिसम्बर 2012 और सात जनवरी 2013 को खोला जा चुका है। जीएम बताया कि ट्रेनों के समय पालन में भी एनईआर ने प्रगति की है। 2012-13 में ट्रेनों का समय पालन 87.9 फीसदी है जो इस वर्ष 2013-14 के जून में सुधरकर 90.03 फीसदी हो गया है। बताया कि पिछले पांच वर्षों में 270 मानवरहित समपार फाटकों को बंद कराया गया जबकि 220 मानवरहित समपार फाटकों को मानवयुक्त किया गया। इस साल भी 40 मानवरहित समपार फाटकों को बंद करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि काफी समय से लटके स्टेशन के री-मॉडलिंग का काम भी सितंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। एनईआर के जीएम केके अटल का कहना है कि जून माह में कई विशेष ट्रेनें चलाने की वजह से इस काम में और देर हो गई। जीएम ने बताया कि इंटरलाकिंग कार्य के लिए बोर्ड से 31 अगस्त से तीन दिन तक के लिए समय मांगा गया है। इस दौरान स्टेशन पर रोजाना करीब आठ घंटे तक ट्रेनों का संचलन रोकना होगा। उम्मीद है कि जल्द ही बोर्ड से इसकी मंजूरी मिल जाएगी।
कॉकरोच नहीं चूहे बने हैं मुसीबत
पत्रकारों से बातचीत के दौरान रेलवे के जीएम केके अटल ने यह स्वीकार किया कि ट्रेनों के एसी कोच में कॉकरोच और चूहों की समस्या बढ़ गई है। इसे लेकर निरंतर शिकायतें भी मिल रही हैं। उनका कहना है कि कॉकरोच से तो रेल महकमा निपट ले रहा है लेकिन चूहे चुनौती बने हैं। बताया कि चूहों को मारा नहीं जा सकता क्योंकि वे अगर ऐसी जगह जाकर मरते हैं, जहां उन्हें ढूढ़ पाना मुश्किल है तो कोच में बदबू फैल जाएगी। यह स्थिति और भयावह होगी। उन्होंने कहा कि रेलवे महकमा ऐसी व्यवस्था कर रहा है जिससे चूहों को कोच से बाहर भगाया जा सके।
सीट पर कब्जा हो तो करें शिकायत
ट्रेनों में आरक्षित सीटों पर भी कब्जा होने की समस्या बढ़ गई है। आरक्षण कराने के बाद भी दिल्ली और मुम्बई समेत सभी बड़े शहरों को जाने वाली ट्रेनों के स्लीपर और एसी कोच में लोगों को सीट नहीं मिल पा रही है। जीएम ने कहा कि अगर किसी को भी इस प्रकार की समस्या हो तो वह टीटीई या कंडक्टर से शिकायत करें। अगर वहां भी सुनवाई नहीं होती है तो रेलवे के मोबाइल नम्बर 9794845955 पर मैसेज के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इसके लिए शिकायतकर्ता को अपना नाम, ट्रेन का नाम, सीट नम्बर और कोच की जानकारी देनी होगी। जीएम ने कहा कि इसी तरह टिकट दलालों या फर्जी टिकट के बारे में भी यात्री रेलवे के सतर्कता मोबाइल हेल्प लाइन नम्बर 0551-155210 सूचना दे सकते हैं।