गोरखपुर। पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने कहा कि पूरी सेना में भ्रष्टाचार नहीं है। बल्कि कुछ पदों पर बैठे लोग ही भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हथियार के दलालों से बाबू तंत्र की साठगांठ होती है। इसकी निगरानी जरूरी है। हेलीकॉप्टर घोटाले में भी इस बाबू तंत्र की सहभागिता है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाना है तो सरकार हो या सेना, व्यवस्था में पारदर्शिता लाई जानी जरूरी है।
पडरौना के उदित नारायण पीजी कालेज के नवनिर्वाचित छात्रसंघ के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल होने आए पूर्व थलसेना अध्यक्ष जनरल वीके सिंह बुधवार सुबह गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि चंद लोगों के भ्रष्टाचार में लिप्त होने की वजह से पूरी सेना बदनाम हो रही है। यह गंभीर बात है। बार्डर और वहां तैनात जवानों की सुरक्षा के मसले पर उनका कहना था कि सेना चैतन्य है। उसे अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह मालूम है। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि किसी मामले को जितना तूल दिया जाएगा, जवानों को उतनी ही दिक्कत होगी।
प्रतापगढ़ के कुंडा में सीओ जियाउल हक की हत्या मसले पर जनरल सिंह ने कहा कि सीबीआई को जांच सौंपे जाने से इस घटना को अंजाम देने वालों का असली चेहरा सामने आने की उम्मीद जगी है। अन्ना के आंदोलन पर जनरल ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अन्ना का अभियान सुस्त नहीं पड़ा है। 31 मार्च से जलियांवाला बाग से जनतंत्र यात्रा निकाली जाएगी जो पूरे देश में घूम-घूमकर लोगों में भ्रष्टाचार के विरोध के प्रति चेतना जगाएगी। इससे पूर्व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने सेवानिवृत्त थलसेना अध्यक्ष का रेलवे स्टेशन पर स्वागत किया। जनरल यहां सुबह साढ़े नौ बजे वैशाली एक्सप्रेस से पहुंचे। यहां से पडरौना के लिए वह सड़क मार्ग से निकले।