गोरखपुर। वकील अपने कार्य व्यवहार में लचीला रुख अपनायें। इससे उनके व्यक्तित्व में निखार आयेगा। वकीलों को यह बात सदैव ध्यान में रखनी चाहिए कि उनका व्यवहार भी कुछ हद तक असर कारक होता है। अगर आप न्यायालय को मंत्र मुग्ध नहीं कर सकते तो उसे क्रोधित भी मत करिये। मैं भी वकील रहा हूं और अनुभव के आधार पर कह रहा हूं कि यह कुशल वकील बनने का एक मंत्र है। यहां के वकील अच्छे हैं। यहां से मैं एक अच्छा अनुभव लेकर जा रहा हूं।
उक्त बातें जनपद न्यायाधीश सत्यपाल सिंह ने बार एसोसिएशन सिविल कोर्ट में आयोजित अपने विदाई समारोह में कहीं। उन्होंने सभागार में मौजूद वकीलों से अपना अनुभव साझा किया। गुरु की तरह सफल वकील बनने के गुर बताए तथा त्वरित न्याय के लिए वकील और वादकारियों को आगे आने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उन्हें एसोसिएशन की तरफ से स्मृति चिह्न भेंट किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एसोसिएशन के अध्यक्ष राकेश दूबे व संचालन मंत्री अभिमन्यु पांडेय ने किया। वक्ताओं ने जनपद न्यायाधीश के कार्य व्यवहार की प्रशंसा की तथा स्वच्छ, पारदर्शी व त्वरित न्याय के लिए उन्हें सदैव याद रखने की बात कही। कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में वकील मौजूद थे।