फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीरियल ब्लास्ट का मुकदमा वापस होने योग्य नहीं

Sun, 25 Nov 2012 12:00 PM IST
Gorakhpur
विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। प्रदेश के कई जिलों में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के आरोपियों पर चल रहे मुकदमों को वापस लेने की कवायद चल रही है। गोरखपुर सीरियल ब्लास्ट के मामले में भी सरकार ने अभियोजन पक्ष से राय मांगी। जिसमें अभियोजन ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता ने डीएम को भेजी गई अपनी राय में स्पष्ट रूप से कहा है कि मुकदमा वापस लेने योग्य नहीं है। हालांकि उनकी इस राय के बाद 31 अक्टूबर को शासन की तरफ से डीएम को एक और पत्र भेजकर उनका अभिमत मांगा गया है।
विज्ञापन

वर्ष 2007 में गोलघर में सीरियल बम ब्लास्ट हुआ था। इस मामले में कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था। इस मामले में आरोपी बनाए गए तारिक आजमी आदि के खिलाफ कोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है। इसी बीच कई जिलों में हुए आतंकी बम विस्फोट के आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमों को राज्य सरकार द्वारा वापस लिए जाने की चर्चा शुरू हो गई। प्रदेश सरकार के विशेष सचिव ने तीन सितंबर 2012 को डीएम के पास पत्र भेजकर उनका अभिमत मांगा। मुकदमे में अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे एडीजीसी सैय्यद सबीहुद्दीन ने स्पष्ट रूप से अपना मत व्यक्त किया। उनका कहना था कि मुकदमा वापस होने के लायक नहीं है। इसके बाद 31 अक्टूबर को शासन से डीएम को एक और पत्र भेजकर ऐसे आरोपियों के खिलाफ मुकदमे को वापस लिए जाने के संबंध में राय मांगी है।
बता दें कि मुकदमे में आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप गठित (चार्ज फ्रेम) करने की कार्यवाही चल रही है। इसके लिए कोर्ट के आदेश पर एडीजीसी ने पुलिस और प्रशासन को पत्र लिखकर वे तस्वीरें मांगी हैं जिनको दिखाकर गवाहों से पहचान कराई गई थी। उन्होंने कोर्ट में पत्रावली पर फोटो उपलब्ध कराने की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें