रक्षक नहीं भक्षक बन बैठा
है जीडीए: डॉ. आरएमडी
- नगर विधायक ने विधानसभा में उठाया वेटलैंड में निर्माण पर रोक का मामला
- कहा- दोहरी नीति अपना रहा जीडीए, सख्ती सिर्फ आम आदमी पर
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। नगर विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल ने गोरखपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रामगढ़ताल के वेटलैंड में निर्माण पर रोक का मामला बुधवार को विधासनभा में उठाया। उन्होंने कहा कि वेटलैंड में निर्माण पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के खिलाफ प्राधिरकण चाहता तो एनजीटी में ही अपील कर सकता था। वहां पक्ष में सुनवाई न होने पर सुप्रीम कोर्ट का भी रास्ता खुला था मगर जीडीए रक्षक की जगह भक्षक बन बैठा। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने विधायक के इस मुद्दे को स्वीकार करते हुए आवास मंत्री को तीन दिन में इस विषय पर स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया।
विधायक ने जीडीए पर यह भी आरोप लगाया कि सख्ती सिर्फ आम आदमी पर ही की जा रही है। प्रतिबंध के दायरे में रेलवे की कालोनियां, सर्किट हाउस, नौकायन केंद्र, नुमाईश मैदान, पुलिस चौकी आदि बने हुए हैं। इसके अलावा चिड़ियाघर, वाटर स्पोर्ट्स कांपलेक्स, प्रेक्षागृह तथा पीपीपी माडल पर पर्यटन होटल बनाए जा रहे हैं लेकिन उनपर सख्ती नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ताल के चारों ओर वर्षों से हजारों परिवार बसे हुए हैं और जमीनों के कानूनी मालिक हैं। रामगढ़ताल के सुंदरीकरण के बाद यह नागरिकों का संवैधानिक अधिकार है कि वे उन जमीनों पर अपने रहने के लिए आवासीय भवन या अपनी अतिरिक्त आय के लिए व्यवसायिक भवन बनवाएं।
विधायक ने कहा कि देश में सैकड़ों ऐसी प्राकृतिक झीलें हैं जिनके चारों तरफ होटल तथा अन्य बहुत से टूरिस्ट केंद्र बने हुए हैं। कहीं भी ऐसा करने से रोका नहीं गया है । सिर्फ गोरखपुर में ऐसा निर्णय कैसे लिया जा सकता है ।