गोरखपुर के शाहपुर के धर्मपुर स्थित परीक्षा केंद्र विमल मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज में आजमगढ़ के मोहनपुर निवासी विकास यादव की जगह सॉल्वर मनीष वीडीओ की परीक्षा दे रहा था। मनीष पटना (बिहार) का रहने वाला है। एसटीएफ की पूछताछ में उसने सॉल्वर गैंग के बारे में जानकारी दी, जिसका सरगना बिहार का नवीन पांडेय और राजीव रंजन है।
विकास की सॉल्वर से मुलाकात प्रयागराज के एक कॉलेज के प्रबंधक ने कराई थी। सॉल्वर के पास से अभ्यर्थी का आधार कार्ड बरामद हुआ है। शाहपुर थाने में सॉल्वर, अभ्यर्थी और अज्ञात के खिलाफ जालसाजी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, आईटी एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कराया गया। एसटीएफ ने मनीष के अलावा कक्ष निरीक्षक धनंजय चौधरी को भी गिरफतार किया है। धनंजय सरहरी, गुलाहरिया का रहने वाला है।
एसटीएफ निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के मुताबिक परीक्षा में सॉल्वर के आने की सूचना मुखबिर से मिली थी। शनिवार को 10:30 बजे के करीब एसटीएफ की टीम विमल मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज पहुंची और प्रधानाचार्य मंजुलता राय के साथ कक्षा संख्या एक में जाकर जांच की। वहां विकास की जगह बिहार, नालंदा का अजयपुर निवासी मनीष परीक्षा देते पकड़ा गया। मनीष ने बताया कि शनिवार की सुबह ही पटना से गोरखपुर आया था। स्टेशन पर ही विकास से मुलाकात हुई थी।
परीक्षा में शामिल होने के लिए बीस हजार रुपये देकर सेंटर पर लाकर छोड़ा गया था।
मनीष ने बताया कि परीक्षा में शामिल कराने के लिए एक गैंग सक्रिय है। पटना के राजीव रंजन ने प्रयागराज के नवाबगंज, बलवां रोड निवासी कौशल्या देवी जूनियर हाईस्कूल के प्रबंधक संदीप से मुलाकात कराई थी। संदीप एवं गौतम मिश्रा आदि भी गैंग के सदस्य हैं। उन लोगों ने ही विकास से संपर्क करने के लिए कहा था। दस हजार रुपये पटना में ही मिल गए थे। वहीं पर फर्जी प्रवेश पत्र भी तैयार किया गया था।
ऐसे तैयार करते थे प्रवेश पत्र
एसटीएफ को मनीष से मिली जानकारी के अनुसार राजीव रंजन, नवीन पांडेय गौतम मिश्रा, संदीप, शैलेश कुमार आदि मिलकर सॉफ्टवेयर के जरिये फोटो मिसिंग करके अभ्यर्थी और सॉल्वर की फोटो को मिक्स करते थे। साथ ही संपर्क के माध्यम से अभ्यर्थी खोजते थे।
तीस हजार रुपये में हुई थी डील
गैंग परीक्षा के लिए तीस हजार रुपये लेता था। इसमें से सॉल्वर का हिस्सा बीस हजार था। बाकी के दस हजार रुपये गैंग के सरगना के हिस्से के थे।
आधे घंटे में हल कर दिए थे 60 फीसदी प्रश्न
मनीष सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहा था। एसटीएफ के मुताबिक दस बजे से परीक्षा शुरू हुई थी और 10:30 बजे जब उसे पकड़ा गया तो वह 60 फीसदी प्रश्न हल कर चुका था। एसटीएफ ने असली परीक्षार्थी विकास की तलाश की लेकिन वह नहीं मिला।