प्रशासनिक भवन पर छात्रों ने किया प्रदर्शन।
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गोरखपुर। छात्र संघ चुनाव, छात्रावासों की हालत में सुधार, ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था आदि मांगों के संबंध में छात्रों ने गुरुवार को गोरखपुर यूनिवर्सिटी के प्रशासनिक भवन पर प्रदर्शन किया और दोनों गेटों पर ताले लगा दिए। मुख्य नियंता से वार्ता असफल रही और छात्र गेट के सामने पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मुख्य नियंता के निर्देश पर एक गेट का ताला तोड़ दिया गया। छात्रों ने एलान किया कि जब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्रसंघ चुनाव की घोषणा नहीं होती, धरना जारी रहेगा।
प्रशासनिक भवन पर सुबह 11 बजे छात्र जुट गए और नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद पहुंच गए। इसी बीच छात्रों ने प्रशासनिक भवन के दोनों गेटों पर ताले लगा दिए। मुख्य नियंता ने उन्हें समझाया और प्रति कुलपति प्रो. एसके दीक्षित से बात कर उनकी मांगों से अवगत कराया। प्रति कुलपति ने बताया कि 12 अगस्त को कुलपति मौजूद रहेंगे। उस दिन छात्रनेता कुलपति से वार्ता कर अपनी मांग रख सकते हैं।
मुख्य नियंता शासन को पहले ही पत्र भेज कर इस बारे में निर्देश मांगे जाने की जानकारी दी। लेकिन छात्र नहीं माने। इसी दौरान प्रति कुलपति भी आए गए और बंद गेट के अंदर से छात्रों को समझाने का प्रयास किया मगर छात्र नहीं माने। कुछ देर बाद जब छात्रों ने ताला नहीं खोला तो मुख्य नियंता ने एक गेट का ताला पुलिस भेज कर तोड़वाया। दूसरे गेट पर देर रात तक छात्र धरना पर बैठे रहे। धरना देने वालों में रंजीत सिंह श्रीनेत, अनिल दुबे, सचिन शाही, शिवशंकर गौड़, अष्टभुजा सिंह श्रीनेत, कर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।