स्वास्थ्य सेवा की रैंकिंग सुधरी फिर भी सेहत खराब
तिमाही रैंकिंग में 38वें से 21वें पायदान पर पहुंचा जिला
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। स्वास्थ्य सेवा की रैकिंग सुधर गई है, लेकिन सेहत आज भी नासाज है। सरकारी अस्पतालों में न तो डॉक्टर पूरे हैं और न ही बेहतर सुविधाएं। स्वास्थ्य विभाग भले ही अपनी रैंकिंग में सुधार पर पीठ थपथपा रहा है, लेकिन हकीकत कुछ और है। कागजों पर टीकाकरण, प्रसव और साफ सफाई के नाम पर आंकड़ों की बाजीगरी भले ही कर दी गई है मगर सेहत सुधारने के नाम पर स्वास्थ्य विभाग मरीजों को दर्द ही दे रहा है। हाल ही में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी की गई प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जिला 38 वें से 28 वें पायदान पर आ गया है। जबकि अस्पतालों में सुविधाओं में कमी मरीजों के लिए समस्या बनी हुई है।
जिले में 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 12 प्राथमिक तथा 32 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन सभी अस्पतालों में 175 के सापेक्ष 126 डॉक्टर तैनात हैं। जिला अस्पताल में 36 पदों के सापेक्ष 20 डॉक्टर तैनात हैं। लोगों का कहना है कि दावों के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता दिलीप शुक्ला का कहना है कि अस्पताल में दवाओं की कमी है। भरपूर दवा होने का दावा तो किया जाता है लेकिन हकीकत इससे इतर है। आंकड़ों के खेल में स्वास्थ्य विभाग पास है।
सीएमओ डॉक्टर क्षमा शंकर पांडेय ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार किया जा रहा है जिसके चलते रैंकिंग में सुधार हुआ है। चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है।