विकास भवन सभागार में हुई समीक्षा बैठक।
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सिद्धार्थनगर। वित्तीय वर्ष 2017-18 में संचालित विकास कार्यों व कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक गुरुवार को विकास भवन सभाकक्ष में हुई। इसमें डीएम कुणाल सिल्कू ने कार्यदाई संस्थाओं व विभागों की प्रगति ठीक न पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए संबंधित अफसरों को फटकारा। चेतावनी दी कि लापरवाही बरतने पर विभागीय अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
बार-बार हिदायतों के बावजूद आधी-अधूरी तैयारियों के साथ बैठक में पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी सीएमओ डॉ.डीके चौधरी कई सवालों के जवाब न दे सके। ऐसे में उन्हें तत्काल बैठक से बाहर जाकर रिपोर्ट लेकर बताने की हिदायत दी। हैंडपंपों की मरम्मत के आंकड़ों पर जलनिगम और पंचायती राज विभाग एक-दूसरे पर जवाबदेह बताता रहा। दोनों के पास आंकड़े नहीं थे। कई अन्य विभागों ने भी अपनी प्रगति रिपोर्ट पूरी नहीं दी थी।
डीएसटीओ राजेश सिंह ने जब डीएम को यह जानकारी दी तो डीएम ने संबंधित विभागों को कड़ी हिदायतें दी।अधिशाषी अभियंता पीडब्लूडी को निर्देश दिया कि सड़कों को अब तक गड्ढामुक्त नहीं किया जा सका है। इसमें तेजी लाएं। डीपीआरओ को रिबोर किए गए हैंडपंपों की सत्यापन रिपोर्ट पांच फरवरी तक पेश करने को कहा। डीपीआरओ अनिल सिंह ने बताया कि स्वच्छ भारत के तहत शौचालयों का निर्माण कार्य प्रगति पर है और निर्धारित समय पर लक्ष्य को पूरा कर लिया जाएगा। डीएम ने डीडी कृषि डॉ.पीके कन्नौजिया को अपने कार्य में प्रगति लाकर लक्ष्य को शत प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश दिया।
डीएम ने भू-माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई करने, राजस्व वादों, तहसील समाधान दिवस, चकबंदी वादों, आईजीआरएस, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई आदि मामलों की समीक्षा की।