प्रदर्शनकारी दवा व्यापारियों ने सीओ चौरीचौरा को ज्ञापन दिया था।
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टरों एवं दवा विक्रेताओं के बीच हुआ झगड़ा खत्म होता नजर आ रहा है। मामले में केस दर्ज होने से डॉक्टर बैकफुट पर आ गए हैं।
बीआरडी कैंपस के बाहर सोमवार को दवा विक्रेताओं के साथ जूनियर डॉक्टरों की तकरार हो गई थी। गालीगलौज और धमकी के बाद दवा विक्रेताओं की तहरीर पर पुलिस ने 50 अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज किया था।
यह जानकारी मिलने के बाद जूनियर डॉक्टर बैकफुट पर आ गए और समझौते के लिए पहल करने लगे। इसके लिए उन्होंने विभागाध्यक्षों से गुहार लगाई। मामले को खत्म करने के लिए एसपीएम के विभागाध्यक्ष डॉ. डीके श्रीवास्तव, मेडिसिन के विभागाध्यक्ष डॉ. महीम मित्तल और नेत्र रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. राम कुमार जायसवाल आगे आए। तीनों ने ही दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे और महामंत्री आलोक चौरसिया से संपर्क साधा। दवा विक्रेता संघ ने पुलिस की मौजूदगी में बैठक करने की शर्त रखी। डॉक्टर शर्त मान गए।
एसपी ट्रैफिक आदित्य प्रकाश वर्मा की मौजूदगी में गुलरिहा थाने में बैठक हुई। डॉक्टरों ने भविष्य में ऐसी घटना न होने का भरोसा दिया। इसके बाद दवा विक्रेताओं और डॉक्टरों में समझौते की सैद्धांतिक सहमति बन गई।