गोरखपुर।
यूपी में अपराधियों के एनकाउंटर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सही ठहराया है। उनका कहना है कि पुलिस पर ओपन फायर झोंकने वालों को पुलिस का काउंटर अटैक झेलना होगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की है। इसमें सरकार का किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। अपराधियों के लिए यूपी में कोई जगह नहीं मिलेगी।
शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में कन्या पूजन के बाद मीडिया से मुखातिब सीएम ने कहा कि सपा, बसपा ने अपराध का राजनीतिकरण कर दिया था। अपराध उद्योग की तरह बढ़ रहा था। अब अपराधियों को दुरुस्त करने का काम चल रहा है। कानून हाथ में लेने की छूट किसी को नहीं दी जाएगी। सरकार ने छह महीने में ही कानून का राज स्थापित कर दिया। पुलिस ने मुठभेड़ में तमाम बड़े अपराधियों को मार गिराया है। अपराधियों में खौफ बढ़ रहा है। पुलिस के आक्रामक रुख से आपराधिक हरकत कड़ी कार्रवाई का डर हावी होने लगा है। अब अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण की गुंजाइश खत्म होती जा रही है।
धार्मिक स्थलों के करीब नहीं बिकेगी शराब
सीएम के मुताबिक धार्मिक स्थलों के इर्द-गिर्द शराब बिक्री की पाबंदी पर सख्ती की जाएगी। अयोध्या फैजाबाद, वृंदावन मथुरा, चित्रकूट, सीतापुर के नैमिसारण्य, बाराबंकी के देवा शरीफ और सहारनपुर के देवबंद में सख्ती के निर्देश जारी किए गए हैं। व्यवस्था पर अमल सुनिश्चत करने के लिए क्रॉस चेकिंग कराई जाएगी।
नोटबंदी पीएम का साहसिक फैसला
जीएसटी और नोटबंदी पर भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के बयान से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बहादुरी भरा फैसला लिया है। नोटबंदी से भ्रष्टाचार को काबू करने में मदद मिली। कालाधन रखने वालों को झटका लगा। जीएसटी से भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। आने वाले समय में ये फैसले देशवासियों को कई और फायदे देंगे।
अयोध्या करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र
छोटी दिवाली अयोध्या में मनाने के सवाल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र हैं। 18 अक्तूबर को सरयू नदी के तट पर महाआरती होगी। इसकी विस्तृत कार्ययोजना अक्तूबर के पहले सप्ताह में जारी की जाएगी। अयोध्या को सजाया-संवारा जाएगा। राज्यपाल राम नाईक से भी छोटी दिवाली अयोध्या में मनाने की अपील की जाएगी। सरकार के तमाम मंत्री भी अयोध्या में रहेंगे। राम मंदिर निर्माण से संबंधित सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मामला सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार आगे की गतिविधि तय होगी।