गोरखपुर।
गुरुग्राम रेयान इंटरनेशनल स्कूल में हुए प्रद्युम्न की हत्या व सेंट एंथॉनी कान्वेंट स्कूल के नवनीत प्रकाश की खुदकुशी के बाद स्कूलों में व्यवस्थाएं सुधारने और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के प्रयास के तहत पुलिस अधिकारियों, शिक्षकों व अभिभावकों ने बुधवार को मंथन किया। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि बच्चे सुरक्षित रहें इसके लिए टीचर और प्रिंसिपल के साथ ही अभिभावक को भी सतर्क रहना होगा।
लिटिल फ्लावर स्कूल, धर्मपुर में ‘माई स्कूल- माई चिल्ड्रेन’ विषय पर परिचर्चा में शहर के गई स्कूलों के शिक्षक, अभिभावकों ने हिस्सा लिया। मुख्य अतिथि डीआईजी निलाब्जा चौधरी ने कहा कि रेयान इंटरनेशनल स्कूल में बच्चे की हत्या और सेंट एंथॉनी स्कूल में छात्र के खुदकुशी की घटना ने समाज को पूरी तरह से झकझोर दिया है। इन घटनाओं से विश्वसनीयता में कमी आई है। इसके लिए हम सभी को गंभीर होना होगा। आईपीएस चारू निगम, एडीशनल कमिश्नर नेहा प्रकाश ने कहा कि बच्चे के भविष्य के निर्माण में अभिभावक और शिक्षक दोनों का अहम रोल होता है। बच्चे की प्राथमिक शिक्षा घर से शुरू होती है। अभिभावक की जिम्मेदारी है कि वह अपने बच्चे को अच्छे संस्कार के साथ बेहतर शिक्षा दिलाने में मदद करें। लिटिल फ्लावर स्कूल के प्रिंसिपल फादर जैयमॉन ने कहा कि अभिभावक और स्कूल प्रबंधन मिलकर बेहतर माहौल बनाएं। इस दौरान अखंड अग्रवाल, प्रो. अनुभूति दुबे, अनूप पांडेय, डॉ इमरान अख्तर ने भी सुझाव दिए।