सरहरी।
चरगांवा ब्लॉक के बाढ़ पीड़ितों को बांटने के लिए आया करीब 80 बोरा आलू कैंप में सड़ गया। इसकी जानकारी तहसील के जिम्मेदारों को हुई तो उनके होश उड़ गए। मामले में डीएम राजीव रौतेला का कहना है कि आलू के खराब होने की उन्हें जानकारी नहीं है। जांच कराई जाएगी और लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई तय है।
16 अगस्त की रात रोहिन नदी पर बने मानीराम-कुदरिहा बांध करमहां के पास टूटने से क्षेत्र के चार दर्जन से अधिक गांव जलमग्न हो गए थे। बाढ़ पीड़ितों के लिए प्रशासन की ओर से प्राथमिक विद्यालय महराजगंज में बाढ़ राहत कैंप बनाया गया था। बाढ़ हटने के बाद जब विद्यालय खुला तब कैंप वहां से हटाकर ओंकारनगर मानीराम में स्थापित कर दिया गया। नए कैंप पर राजस्व कर्मियों की ओर से सामान ले जाया गया, लेकिन बाढ़ पीड़ितों में वितरण के लिए पुराने कैंप के एक कमरे में रखा 80 बोरा आलू पड़ा रह गया। जब आलू सड़ने लगा तब उसकी दुर्गंध जिम्मेदारों तक पहुंची तो उनके कान खड़े हो गए। शनिवार को क्षेत्रीय कानूनगो आलू को ले जाने के लिए विद्यालय पहुंचे और दो पिकअप पर उसे लदवा कर ले गए। बताया जा रहा है कि उसे नष्ट करा दिया गया।