गोरखपुर।
जिला महिला अस्पताल में नवजात की मौत के बाद तीमारदारों ने हंगामा किया। सूचना पर डीआईजी एनके चौधरी, सीओ कोतवाली समेत पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गई। देर रात तीमारदारों को समझाकर घर भेजा गया। परिवारवालों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया।
खोराबार के बड़गों निवासी कलाम की पत्नी शकीना को मंगलवार को दिन में 11:05 बजे बच्ची पैदा हुई। 30 अगस्त को बच्ची को सुस्त देखकर परिवारवालों ने डॉक्टर को जानकारी दी। इस पर डॉक्टर ने दो दवाएं लिखीं। बच्ची की दादी जोहरा का आरोप है कि बाहर की दवा खिलाने के बाद अंदर की दवा देते ही बच्ची की तबियत और बिगड़ गई। बच्ची बेसुध हुई तो डॉक्टर ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इसके बाद बच्ची को कान्हा नर्सिंग होम और सावित्री नर्सिंग होम ले गए। वहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती करने से इन्कार कर दिया। चूंकि बच्ची की मां महिला अस्पताल में भर्ती थी, इसलिए वो लोग बच्ची को लेकर वापस आ गए। मौके पर मौजूद नर्स ने बच्ची को भर्ती करके ऑक्सीजन लगा दिया। डॉक्टर को फोन किया तो उन्होंने ड्यूटी खत्म होने की बात कही। जब बेटे कलाम ने उन्हें मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत के बाद आराम से सोने की बात कही तो वह अस्पताल आए, लेकिन तब तक बच्ची ने दम तोड़ दिया था। इस बीच उनसे पहले पुलिस मौके पर पहुंच चुकी थी। सूचना पर पहुंचे डीआईजी और सीओ कोतवाली ने देर रात बच्ची के परिवारवालों समेत डॉक्टरों के बयान दर्ज किए। सीओ कोतवाली ने बताया कि डॉक्टर पहले ही मरीज को रेफर कर चुके थे। इसके बाद भी तीमारदार उसे महिला अस्पताल लेकर आए। चिकित्सक के लेट से आने के आरोप की जांच की जाएगी। परिवारवालों ने बच्ची की मौत को लेकर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ तहरीर देने की बात कही है।