गोरखपुर। गोरखपुर-लखनऊ मार्ग पर महेवा अमरूद मंडी में अतिक्रमण हटाने गए नगर आयुक्त और फल विक्रेताओं में नोकझोंक हो गई। नगर आयुक्त अतिक्रमण हटाने के लिए सहयोग मांग रहे थे, लेकिन फल विक्रेता पटरियों से हटने को तैयार नहीं थे। कई मिनटों तक गहमागहमी चलती रही। बात न बनने पर पुलिस बल की मदद से नगर निगम ने फुटपाथ पर लगे ठेले और अतिक्रमण हटा दिए।
बता दें कि राजघाट राप्ती पुल के पास फुटपाथ पर फलों के करीब 80 ठेले और गुमटियां लगती हैं। ऐसे में लोग अपने वाहन बीच रास्ते पर ही खड़ाकर खरीदारी करने लगते हैं, जिससे आए दिन जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में नगर आयुक्त ने ठेले और गुमटियों को फुटपाथ से हटाने की जरूरत बताई तो फल विक्रेता भड़क गए और प्रदर्शन करने लगे, जिससे वहां लंबा जाम लग गया। ट्रांसपोर्ट नगर, हार्बर्ट बांध और राप्ती पुल पर आने-जाने वाले दोनों रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। काफी समझाने के बाद भी बात न बनने पर नगर निगम ने पुलिस बुला ली और जेसीबी की मदद से गुमटी और दुकानें तोड़नी शुरू कर दीं। प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने बमुश्किल नियंत्रित किया। इससे कुछ देर वहां अफरातफरी भी मची रही।
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नगर आयुक्त को महिलाओं ने घेरा
दुकानें टूटने से गुस्साईं महिलाओं ने नगर आयुक्त को घेर लिया। वे उन्हें उजाड़ने से पहले कहीं ओर बसाने की व्यवस्था करने की मांग कर रही थीं। इसी में कुछ बाढ़ पीड़ित भी थे, जो गुजारे के लिए आमदनी की तलाश में वहां फल बेच रहे थे। मौके पर पहुंचे पूर्व पार्षद रवींद्र निषाद ने नगर आयुक्त से बात की तो नगर आयुक्त ने कहा कि वे बाढ़ प्रभावितों को फल बेचकर आजीविका कमाने में रियायत दे सकते हैं, लेकिन हमेशा से ठेला लगाने वालों को राहत देने की गुंजाइश नहीं है, क्योंकि जाम से हर कोई परेशान है।