रोडवेज बसों में अब एक या दो नहीं बल्कि न्यूनतम नौ सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। महिला दिवस से हुई इस नई पहल को होली की भीड़ के बीच सख्ती से लागू किया जाएगा। अगर सब कुछ तय योजना के अनुरूप चला तो निश्चित रूप से त्योहार पर सफर में निकलने वाली महिलाओं को काफी सहूलियत बढ़ जाएगी।
परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के रविंद्र नायक ने 8 मार्च को महिला दिवस से हर बस में न्यूनतम नौ सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए थे। तय हुआ है कि चालक के पीछे तीन सवारियों वाली तीन सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगी। निर्देश है कि महिला सवारी के बस में आते ही इन सीटों पर बैठे पुरुषों को सीट खाली करनी होगी। कंडक्टर इस व्यवस्था को सुनिश्ति कराएंगे।
गोरखपुर रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक ने बताया कि होली पर बढ़ती भीड़ के मद्देनजर नई व्यवस्था को सख्ती से प्रभावी करने के निर्देश दिए गए हैं। परिचालकों को इसके लिए निर्देश दिए हैं। गोरखपुर रीजन की सभी बसों पर ड्राइवर के पीछे तीन सवारी वाली तीन सीटों पर महिला आरक्षित लिखने का काम भी चल रहा है।
महिलाओं को आरक्षित नौ सीटों का लाभ होली से दिया जाएगा। परिचालकों को इस पर अमल के निर्देश के साथ पुरुष यात्रियों से इसमें सहयोग की अपील भी की जा रही है।
- सुग्रीव कुमार राय, क्षेत्रीय प्रबंधक