नगर से गांव तक होली की धूम
फाग गीतों और गुलाल के बीच बुधवार की रात जलाई गई होलिका
अमर उजाला ब्यूरो
सिद्धार्थनगर। उमंग और उत्साह के पर्व होली की मस्ती जिले में यूं तो स्कूल-कॉलेजों और दफ्तरों में अवकाश के साथ ही चल रही थी। बुधवार रात फाग गीतों के बीच जब जिले में 2403 स्थानों पर होलिका का दहन हुआ। इसके बाद मस्ती का सुरूर और गहरा गया। होलिका दहन के बाद लोगों ने एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दी। वहीं सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर 20 मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं।
21 मार्च को होली पर्व की मस्ती एक सप्ताह पहले से ही लोगों में दिखने लगी है। बुधवार को पर्व की तैयारियों के लिए बाजार में महिला-पुरुषों की भीड़ लगी रही। अभिभावकों संग आए बच्चों ने बाजारों से मिसाइल पिचकारी, गन आकार वाली, प्रेशरवाली, टैंक वाली सहित विभिन्न सुपर हीरो के नाम वाली पिचकारियों के अलावा रंग, मैजिक बैलून, मुखौटा, टोपी आदि सामानों की खरीदारी की। खरीदारी का यह सिलसिला बुधवार देर रात तक चलता रहा। वहीं दिनभर लोग मिठाइयों और अन्य सामग्रियों की खरीदारी करते दिखे। घरों में महिलाएं पारंपरिक पकवान बनाने की तैयारियों में जुटी रहीं। कई स्थानों पर युवाओं की टोलियों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम समेत गली-गली जत्था लेकर फागुन के गीत के साथ मस्ती करने की जबरदस्त तैयारी की है।
होली के हुड़दंग में न गवाएं होश
होली के हुड़दंग में होश न गवाइए, क्योंकि होली में सस्ते केमिकल वाले रंग आपकी जिंदगी को बदरंग कर सकते हैं। थोड़ी सी चूक आपके शरीर पर खतरनाक असर डाल सकती है। यह केमिकलयुक्त रंग आंख और शरीर को क्षति पहुंचा सकते हैं। चिकित्सक डॉ. संजय चौधरी बताते हैं कि इन रंगों का शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे एलर्जी का खतरा ज्यादा रहता है। इसलिए रंग को ठंडे पानी से धोने के बाद एंटी एलर्जिक दवाइयों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना है कि लोगों को हर्बल रंगों का उपयोग करना चाहिए। चिकित्सक डॉ. संजय गुप्ता का कहना है कि होली में सर्वाधिक प्रयोग होने वाला हरा रंग आंख के लिए बेहद खतरनाक होता है। इससे आंख की कार्निया प्रभावित हो सकती है, जिससे आंखों की रोशनी तक जा सकती है। ऐसे में रंग खेलते समय अगर हो सके तो इससे परहेज रखें या फिर आंख में चश्मा जरूर लगा लें। रंग के आंख में पड़ने के बाद आंख को ठंडे पानी से धोएं और एंटीबायोटिक दवा आंख में डाले। रंगों से शरीर में खुजली व लाल रंग के धब्बे पड़ने पर एंटी एलर्जिक दवाएं लें। चिकित्सक डॉ. एके झा ने हानिकारक रंगों से बचाव के तरीकों को बताते हुए सलाह दी है कि होली खेलने से पहले लोगों को पूरे शरीर पर सरसों तेल की मालिश कर लेनी चहिए जिससे शरीर का बचाव भी होगा और रंग को छुड़ाने में भी मदद मिलेगी।
आपातकालीन व्यवस्थाएं दुरुस्त
होली के अवसर पर नशे मेें होने वाली घटनाओं के मद्देनजर अस्पताल प्रशासन ने आपातकालीन व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। जिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. रोचस्मति पांडेय ने बताया कि होली के दौरान इमरजेंसी में 24 घंटे डॉक्टरों की टीम को अलर्ट रहने, एंबुलेंस व पर्याप्त दवाएं मुकम्मल रखने का निर्देश जारी किया गया है। इसके लिए चिकित्सकों की टीम को लगाया गया है। सीएमओ डॉ. आरके मिश्र ने बताया कि सीएचसी-पीएचसी में भी इमरजेंसी सेवा 24 घंटे चालू रखने के निर्देश सभी अधीक्षकों को दिए गए हैं।
याद आए तेजू
होली की पूर्व संध्या पर शहर के कई पहुनों के घर बारात लेकर पहुंचने वाले तेजू जायसवाल की एक बार फिर शिद्दत से याद आए। परंपरागत निकलने वाली बरात बीते तीन वर्षों से उनके निधन के कारण नहीं निकल पा रही है। नपा के पूर्व अध्यक्ष एसपी अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मुहम्मद सईद भ्रमर व सहकारी बैंक के पूर्व कैशियर मुर्तजा हुसैन ने शिद्दत से याद करते हुए बताया कि बरात लेकर पहुंचने पर सुखद अनुभूति होती थी।