गोरखपुर। एनेक्सी भवन में पहली बैठक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अगुवाई में होगी। दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर आ रहे मुख्यमंत्री पहले एनेक्सी भवन का लोकार्पण करेंगे। इसके बाद यहां पर ही जिले के अफसरों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस एनेक्सी भवन में एक साथ करीब ढाई सौ लोगों के बैठने की व्यवस्था है।
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक नौ फरवरी को दोपहर दो बजे मुख्यमंत्री गोरखपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे। वहां से सड़क मार्ग से सर्किट हाउस स्थित एनेक्सी भवन आएंगे। लोकार्पण और बैठक के बाद वह देवरिया बाईपास स्थित एसबीआई के प्रशासनिक कार्यालय के नए भवन का लोकार्पण करेंगे और गोरखनाथ मंदिर चले जाएंगे। रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन 10 फरवरी की सुबह मुख्यमंत्री मंदिर में ही फरियादियों की समस्याएं सुनेंगे। इसके बाद सुबह 10 बजे से महाराणा प्रताप नर्सिंग कॉलेज में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह और फिर दो बजे से महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में आयोजित समावर्तन संस्कार समारोह में शामिल होंगे। वहीं से मुख्यमंत्री एयरपोर्ट जाएंगे और फिर लखनऊ रवाना हो जाएंगे। उनके आगमन का आधिकारिक कार्यक्रम अभी जारी नहीं हुआ है मगर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।
जेपी नड्डा और सिद्धार्थनाथ सिंह भी आएंगे
गोरखपुर। महाराणा प्रताप नर्सिंग कॉलेज में शपथ ग्रहण समारोह और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में आयोजित समावर्तन संस्कार समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह भी मौजूद रहेंगे। दोनों मंत्री 10 फरवरी की सुबह गोरखपुर पहुंचेंगे।
मानबेला में पार्किंग, एसएसबी ग्राउंड में होगी बैठक
गोरखपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नगर आगमन की तैयारियां भी तेज कर दी गईं हैं। पीएम भाजपा किसान मोर्चा के दो दिवसीय राष्ट्रीय किसान अधिवेशन के समापन मौके पर 24 फरवरी को गोरखपुर आएंगे। 23 फरवरी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह इस अधिवेशन का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान आयोजित पीएम की सभा खाद कारखाना स्थित एसएसबी ग्राउंड पर होगी जबकि वाहनों की पार्किंग के लिए मानबेला के मैदान में व्यवस्था की जा रही है। मैदान की सफाई के साथ ही गड्ढों को भरने की जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को दी गई है। पार्टी के नेता अधिवेशन में पांच लाख की भीड़ जुटाने का दावा कर रहे हैं। इनके रहने, खाने की तो व्यवस्था हो जा रही है मगर उनके लिए शौचालय का प्रबंध, बड़ी चुनौती साबित हो रहा है।