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एशियन गेम्स में दम दिखाने पहुंचीं पूर्वोत्तर रेलवे की चार बेटियां

Wed, 22 Aug 2018 01:39 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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पूर्वोत्तर रेलवे की खिलाड़ियों के साथ कोच चंद्रविजय सिंह। - फोटो : amar ujala
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विवेक सिंह
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गोरखपुर। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में चल रहे 18वें एशियन गेम्स में पूर्वोत्तर रेलवे की चार बेटियां दम दिखाने पहुंची हैं। भारतीय महिला हैंडबॉल टीम में ज्योति शुक्ला, मंजुला पाठक और सुषमा शामिल हैं। वहीं 1500 मीटर दौड़ में एथलीट मोनिका चौधरी दम दिखाएंगी। इन खिलाड़ियों की तैनाती पूर्वोत्तर रेलवे में हैं। सभी खिलाड़ी क्लर्क और टीसी के रूप में सेवाएं दे रहीं हैं। सभी खिलाड़ियों से देश के साथ साथ पूर्वांचल के लोगों को भी विशेष उम्मीदें हैं।
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मंजुला पाठक: हैंडबॉल खिलाड़ी

देवरिया जिले के लार रोड की रहने वाली मंजुला वर्तमान में गोरखपुर के रेलवे कॉलोनी में रहती हैं। स्कूल में लड़कियों को हैंडबाल खेलते देख वह प्रेरित हुईं। कक्षा नौ की पढ़ाई के दौरान ही स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया लखनऊ में उनका चयन हो गया। यहां रहते हुए साल 2010-14 तक हैंडबाल की स्टेट और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। साल 2014 में स्पोर्ट्स कोटे से उन्हें रेलवे में नौकरी मिली। वह जूनियर नेशनल वर्ग में मुख्यमंत्री से पुरस्कृत भी हो चुकी हैं।

ज्योति शुक्ला: हैंडबॉल खिलाड़ी

एशियन गेम्स में खेल रही गोरखपुर की टीटीई ज्योति शुक्ला ने स्कूल में ही हैंडबॉल खेलना शुरू कर दिया था। ज्योति की मेहनत को देखकर उनकी शिक्षिका रमाकांती ने उनका ग्रीनपार्क के हैंडबॉल प्रशिक्षक अतुल मिश्रा से परिचय कराया। वर्ष 2008 में अतुल ने ज्योति को ट्रेनिंग देनी शुरू की। ग्रीनपार्क में ज्योति के खेल को देखकर हैंडबॉल एसोसिएशन के चेयरमैन रजत आदित्य दीक्षित ने उन्हें लखनऊ स्थित साई हॉस्टल में प्रशिक्षण के लिए भेजा। तीन महीने के अभ्यास के बाद ज्योति ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाना शुरू कर दिया। ज्योति का पूरा परिवार कानपुर में रहता है।

सुषमा: हैंडबाल खिलाड़ी

मूलरूप से हरियाणा की रहने वाली सुषमा पूर्वोत्तर रेलवे में क्लर्क के रूप में तैनात हैं। हरियाणा के नेशनल गेम्स में स्वर्ण पदक हासिल करने पर पूर्वोत्तर रेलवे ने इसी वर्ष उन्हें रेलवे की नौकरी का ऑफर दिया। सुषमा ने छोटे से करिअर के दौरान ही अपनी खेल प्रतिभा से सभी को चौंकाया है।

मोनिका चौधरी: एथलीट

एशियन गेम्स में बिजनौर की एथलीट मोनिका चौधरी दौड़ेंगी। चांदपुर क्षेत्र के ग्राम शेखूपुरा पीपली निवासी मुनेंद्र अहलावत की पत्नी मोनिका चौधरी एथलीट हैं। वर्तमान में वह लखनऊ में रेलवे में टीटीई के पद पर कार्यरत है। मोनिका चौधरी पिछले काफी लंबे समय से खेल में अपनी प्रतिभा से मेडल प्राप्त कर रही हैं। घरवालों ने बताया कि मोनिका ने गुवाहाटी में 26 से 28 जून तक हुई 58 वीं नेशनल एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दूसरा स्थान प्राप्त किया है। मोनिका चौधरी 1500 मीटर दौड़ में दूसरे स्थान पर रही थीं। 1500 मीटर की दौड़ उन्होंने चार मिनट 11 सेकंड में पूरी कर ली थी। इस चैंपियनशिप में दूसरा स्थान ग्रहण कर मोनिका चौधरी ने इंडोनेशिया जकार्ता में होने वाले एशियन गेम्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है।

कोच भी जकार्ता गए

कुश्ती टीम के कोच चंद्रविजय सिंह भी जकार्ता गए हैं। वह पूर्वोत्तर रेलवे में सहायक क्रीड़ाधिकारी के रूप में तैनात हैं। कुश्ती में शानदार आगाज के बाद से अब लोगों की नजरें महिला एथलेटिक्स और हैंडबॉल टीम की तरफ जमीं हैं।

चंद्रविजय सिंह: कुश्ती कोच

14 अगस्त को जकार्ता रवाना हुए भारतीय कुश्ती दल की ग्रीको रोमन टीम की कमान पूर्वोत्तर रेलवे के सहायक खेल अधिकारी चंद्रविजय सिंह को मिली है। इससे पहले इंचियोन एशियन गेम्स 2014 और रियो ओलंपिक गेम्स 2016 में भी वे कोच के रूप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनके नेतृत्व में भारतीय कुश्ती टीम का प्रदर्शन शानदार रहा है। उनकी 18 पहलवानों की टीम ने जकार्ता में अपनी चमक बिखेरनी शुरू भी कर दी है। पहले दिन बजरंग पुनिया ने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया तो विनेश फोगाट ने भी स्वर्ण पदक हासिल किया है।
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