शहीद के पिता गोपाल क्षेत्री का सम्मान।
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गोरखपुर। मेरा बेटा छोटी सी उम्र में शहर ही नहीं पूरे देश में मुझे पहचान दे गया। लोग मुझे उसके नाम से जानते हैं। उसकी शहादत के 19 साल हो गए। बहुत से मौके आते हैं जब लोग बुलाकर सम्मानित करते हैं, मगर यह पहला मौका है जब किसी ने घर की चौखट तक आकर पूरे परिवार को सम्मानित किया। शहीद शिव सिंह छेत्री के पिता गोपाल सिंह छेत्री उस समय भावुक हो उठे जब अमर उजाला और ऐश्प्रा ज्वेलर्स की टीम उनके पूरे परिवार को सम्मानित करने सोमवार को बिछिया स्थित उनके आवास पहुंची।
ऐश्प्रा ज्वेलर्स के निदेशक अतुल सराफ ने शहीद शिव सिंह छेत्री की मां गीता देवी और पिता गोपाल छेत्री का अभिनंदन किया। साथ ही भरोसा दिलाया कि हर सुख-दुख में साथ खड़े रहेंगे। दरअसल, अमर उजाला ने मां तुझे प्रणाम शृंखला के तहत रविवार को डीवीएनपीजी कालेज में वीरांगना सम्मान समारोह कर शहीद जवानों की पत्नियों को सम्मानित किया था। शहीद शिव के माता-पिता भी आमंत्रित थे। बीमार थे सो आ न सके। समारोह के बाद विशिष्ट अतिथि रहे अतुल सराफ ने घर जाकर सम्मान देने की अमर उजाला की मंशा का समर्थन किया और खुद भी भेंट लेकर साथ चलने का प्रस्ताव दिया था।
घर पर सम्मान से भावुक शहीद के पिता जब सामान्य हुए तो बेटे की वीरगाथा सुनाने लगे। बोले, कम उम्र के बेटे ने बड़ी पहचान दी। हर मां-बाप की इच्छा होती है कि उसे बेटे की वजह से लोग जानें। हमारी यह इच्छा बेटे ने शहादत देकर पूरी की है। बीमारी के कारण अमर उजाला के समारोह में न जा पाने का मलाल था। वह सम्मान घर चलकर आएगा, ऐसा नहीं सोचा था।