गोरखपुर। डाक विभाग भारतीय पोस्ट पेमेंट बैंक (आईपीपीबी) सेवा शुरू करेगा। इसकी मंजूरी रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) से मिल गई है। 15 अगस्त तक शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के डाकघरों को नेट बैंकिंग से जोड़ा जा सकता है। इसके बाद रकम निकासी और एक से दूसरे खाते में रकम भेजने का काम आसान हो जाएगा।
प्रधान डाकघर के एसएसपी डीबी त्रिपाठी ने बताया कि रिजर्व बैंक ने इस सेवा को शुरू करने की मंजूरी दे दी है। इसका सबसे बड़ा फायदा ग्रामीण खाताधारकों को मिलेगा। स्वतंत्रता दिवस से डाक विभाग की सभी शाखाओं में यह सेवा एक साथ शुरू हो सकती है। एटीएम भी स्थापित करने की योजना है। इससे रकम की निकासी आसान हो जाएगी। पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवक की मदद से शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान की सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी। इससे पहले आरबीआई ने एयरटेल और पेटीएम को आईपीपीबी सेवा शुरू करने की मंजूरी दी थी।
500 शाखाओं में एक साथ शुरू होगी सेवा
एसएसपी डीबी त्रिपाठी ने बताया कि गोरखपुर और महाराजगंज में मुख्य डाकघर एक अलावा गांवों में लगभग 500 डाक शाखाएं हैं। इसके जरिये गांव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश होगी।
मोबाइल अलर्ट की सुविधा नि:शुल्क
डाकघर में मोबाइल अलर्ट की सेवा नि:शुल्क होगी। प्राइवेट और सरकारी बैंक इसके लिए 25-50 रुपये प्रतिमाह शुल्क जमा कराते हैं। तिमाही बैलेंस मेंटेन करने के लिए भी कोई चार्ज नहीं देना पड़ेगा। आधार कार्ड की मदद से भी रकम निकाली जा सकेगी। उपभोक्ता को किसी तरह का कोई शुल्क नहीं देना होगा। हालांकि दूसरे बैंक सुविधा शुल्क वसूलते हैं। एक लाख रुपये तक का बचत खाता और 25 हजार तक की जमा राशि पर पर 5.5 फीसदी ब्याज मिलेगा। चालू खाता और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।