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प्रचार का शोर थमा, सीमाएं सील, आज बूथों पर डेरा डाल देंगी पोलिंग पार्टियां

Fri, 09 Mar 2018 09:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
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मतदान की तैयारियों में लगे लोग। - फोटो : Amar Ujala
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पखवारे भर से अधिक समय से चल रहे चुनाव प्रचार का शोर शुक्रवार की शाम पांच बजे थम गया। लाउडस्पीकर, खामोश हो गए। सभी राजनीतिक दलों के स्टार प्रचारकों समेत हर ऐसे पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने जिला छोड़ दिया जो गोरखपुर संसदीय क्षेत्र के वोटर नहीं हैं। अब कोई भी जनसभा और रैली नहीं हो सकेगी। अब प्रत्याशी व स्थानीय कार्यकर्ता पैदल घर-घर दस्तक देकर अपने समर्थन में वोट मांग सकेंगे।
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उधर, नेपाल और बिहार राज्य से सटी सीमाएं सील करने के साथ ही जिले की सीमाओं पर बने चेकपोस्ट व पुलिस चौकियों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। शनिवार की शाम तक सभी बूथों पर संबंधित पोलिंग पार्टियां पहुंच जाएंगी। पोलिंग पार्टियां गोरखपुर यूनिवर्सिटी से रवाना होंगी। सुबह सात बजे सभी मतदान कर्मचारियों को यूनिवर्सिटी पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं। पोलिंग पार्टियों को ले जाने के लिए 474 बसें लगाई गई हैं।

जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला का कहना है कि सभी होटलों, लॉज का निरीक्षण कर यह सुनिश्चित कराया जाएगा कि जिले से बाहर के रहने वाले स्टार प्रचारक, नेता या राजनीतिक पार्टियों से जुड़ा कोई कार्यकर्ता जिले में न रह गया हो। पकड़े जाने पर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि शाम पांच बजे के बाद मतदान के दिन तक जिले एवं उसकी सीमा से सटे आठ किलोमीटर की दायरे वाली सभी शराब की दुकानें बंद रहेंगी। आबकारी विभाग व पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे चौकसी बरतें कि कहीं दुकानें खुलने न पाएं और न ही कोई बाहर से शराब ला सके।
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200 मीटर तक गाड़ी, 100 मीटर तक मोबाइल प्रतिबंधित
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में जिला निर्वाचन अधिकारी राजीव रौतेला ने कहा कि मतदान को लेकर तैयारियां पूरी हो गई हैं। सभी 2141 बूथों पर शनिवार की शाम तक पोलिंग पार्टियां पहुंच जाएंगी। मतदान के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ केंद्रीय सुरक्षा बल और पुलिस तैनात की गई है। सदर संसदीय क्षेत्र के 90 क्रिटिकल बूथों पर विशेष नजर रहेगी। इनमें से 64 बूथों पर माइक्रो आब्जर्वर तैनात किए गए हैं तो 50 बूथों की वेबकास्टिंग कराई जाएगी जिसके जरिए भारत निर्वाचन आयोग, प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी और जिले के एनआईसी में तैनात अफसर इन बूथों पर सीधे नजर रख सकेंगे। उन्होंने बताया कि मतदान वाले दिन 200 मीटर तक ही गाड़ी जा सकेगी जबकि 100 मीटर के दायरे में मोबाइल ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। जेड श्रेणी को छोड़कर कोई भी सुरक्षा प्राप्त व्यक्ति बूथों तक सुरक्षाकर्मियों के साथ नहीं जा सकेगा। प्रत्येक प्रत्याशी और उसके एजेंट सिर्फ एक-एक वाहन लेकर चल सकेंगे। इसके अलावा हर विधानसभा में कार्यकर्ताओं को चलने के लिए एक-एक वाहन की अनुमति दी गई है। प्रत्येक वाहन में चालक के अलावा सिर्फ चार लोग ही चलने की छूट रहेगी।

577 मतदान केंद्रों पर ह्वील चेयर
सदर संसदीय क्षेत्र के 2141 में से 577 बूथों की वोटर लिस्ट में दिव्यांग वोटर भी हैं। इनकी सुविधा के लिए सभी सेंटर पर एक-एक व्हील चेयर के साथ ही उसे चलाने के लिए एक कर्मचारी भी तैनात किए गए हैं।

क्षेत्र में रहेंगे 100 इंजीनियर
मतदान के दिन ईवीएम या वीवीपैट में गड़बड़ी आने पर उसे तत्काल दुरुस्त करने के लिए 100 इंजीनियर भी तैनात किए गए हैं जो सभी सेक्टर मजिस्ट्रेटों के साथ उनके वाहनों पर निरंतर भ्रमण करते रहेंगे।

अधिक बूथों वाले केंद्रों पर लोकेटर
तीन या उससे अधिक बूथों वाले मतदान केंद्रों पर बीएलओ के साथ ही लोकेटर भी तैनात किए गए हैं। ऐसे मतदान केंद्रों पर वोटरों की आसानी के लिए अल्फाबेटिकल फार्म में वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई गई है ताकि मतदाताआें को अपना नाम खोजने में दिक्कत न हो।

तमाम वोटरों तक नहीं पहुंची वोटर पर्ची
जिला प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद इस बार भी हजारों मतदाताओं के घरों तक वोटर पर्ची नहीं पहुंची। कई ऐसे मोहल्ले हैं जहां बीएलओ पहुंचे भी तो पार्षद या फिर प्रभावशाली लोगों के घरों पर बैठकर ही कुछ लोगों को वोटर पर्ची वितरित कर अपनी जिम्मेदारी पूरी मान ली। जिला निर्वाचन अधिकारी व डीएम की चेतावनी का भी बीएलओ पर कोई असर नहीं पड़ा। बेतियाहाता, धर्मपुर, सूरजकुंड, नौसड़, आजाद नगर, सिद्धार्थनगर, सैनिक विहार, बुद्ध विहार, शक्ति नगर, घोष कंपनी, माया बाजार, रेती, घोषीपुरवा समेत तमाम इलाकों से वोटर पर्ची नहीं पहुंचने की शिकायतें आ रही हैं।

ज्यादातर मतदाताओं के पास पर्ची पहुंच चुकी है। यह आंकड़ा 99.5 फीसदी है। जिन मतदाताओं को पर्ची नहीं मिली है, वे भी वोट डाल सकते हैं। फोटोयुक्त पहचान पत्र के साथ दूसरे पहचान पत्र से वोट डालने के विकल्प दिए गए हैं। वोट उन्हीं को डालने को मिलेगा, जिनके नाम वोटर लिस्ट में हैं। 
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- राजीव रौतेला, जिला निर्वाचन अधिकारी
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