गोरखपुर मेट्रो का दूसरा कारीडोर ट्रांसपोर्ट नगर से नौसड़ तक बढ़ाने के लिए जल्द सर्वे शुरू हो जाएगा। बुधवार को जीडीए बोर्ड की बैठक में सर्वे के लिए जीडीए की तरफ से डीपीआर बनाने वाली कंपनी राइट्स को और 30 लाख रुपये देने पर सहमति बन गई। नई मेट्रो नीति को देखते हुए इस फंड से राइट्स कुछ और बिंदुओं पर भी सर्वें करेगा। जनवरी तक सर्वे पूरा हो जाने की उम्मीद है। इसके बाद डीपीआर बनाने का काम शुरू होगा। डीपीआर के लिए राइट्स को जीडीए अब तक करीब 3.25 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
जीडीए सभागार में दोपहर एक बजे से करीब ढाई घंटे तक चली बोर्ड बैठक में कमिश्नर ने तारामंडल क्षेत्र में प्रस्तावित सर्विस आपार्टमेंट के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। कई सवालों के जवाब नहीं दे पाने पर कमिश्नर अनिल कुमार ने जीडीए अफसरों पर नाराजगी जताई। महायोजना 2021 के पुनरीक्षण के लिए फिर नए सिरे से जीआईएस सर्वे कराने का निर्णय किया गया। बैठक में डीएम राजीव रौतेला, उपाध्यक्ष वैभव श्रीवास्तव, सचिव राम सिंह गौतम, नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह, मुख्य अभियंता संजय सिंह, अवनिन्द्र सिंह मौजूद रहे।
अपार्टमेंट में 96 कामर्शियल फ्लैट
अपार्टमेंट में दुकानों के साथ ही 96 कामर्शियल फ्लैट का निर्माण प्रस्तावित है। सभी फ्लैट में जीडीए, टीवी- फ्रिज के साथ ही बेड आदि की भी सुविधा देगा। अपार्टमेंट में बेसमेंट के साथ पांच मंजिला भवन का निर्माण किया जाएगा। बेसमेंट में पार्किंग की व्यवस्था होगी। पहले तल पर दुकानों का निर्माण होगा, जबकि बाकी चार मंजिल पर फ्लैट बनाए जाएंगे। कोई भी व्यक्ति कुछ दिनों के लिए फ्लैट को किराए पर ले सकेगा। इनमें किचन की भी सुविधा होगी। एक फ्लैट की कीमत करीब 24 से 37 लाख रुपये तक प्रस्तावित है।
पोखरभिंडा किसानों का भी ब्याज माफ होगा
मानबेला के तरह ही पोखरभिंडा गांव के किसानों को पहले दिए गए मुआवजे की रकम पर ब्याज माफ क रने पर सहमति बनी है। बोर्ड का कहना है कि ब्याज माफी के बाद भी मानबेला का विवाद नहीं सुलझ सका। आगे सतर्कता बरतने की जरूरत है।
भू-उपयोग बदलने पर सहमति नहीं
जंगल बेनी माधव में उद्योगपति ओमप्रकाश जालान की औद्योगिक जमीन का भू-प्रयोग आवासीय करने के मामले में सहमति नहीं बन पाई। बोर्ड ने इस मामले में एक कमेटी बना दी है, जो मौक ा मुआयना करने समेत कई अन्य जरूरी पहलुओं की जांच कर रिपोर्ट देगी। यह मामला अगली बोर्ड बैठक में फिर रखा जाएगा।