गोरखपुर। मंगसिर बदी नवमी पर श्री राणी सती जी मंदिर लच्छीपुर में विशेष पूजन हुआ। सुबह छह बजे मंगला आरती और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ राणी सती दादी के पट खुलते ही मंदिर दादी के जयकारों से गूंज उठा। राजस्थानी भजनों के बीच पारंपरिक परिधानों में दादी भक्तों ने राणी सती दादी का पूजन-अर्चन किया और आशीर्वाद लिया।
इससे पहले राणी सती दादी का जरबेरा, ग्लेडियस, गुलाब व गेंदा से भव्य शृंगार किया गया। भक्तों ने दादी के मनोरम रूप का दर्शन किया और उनके सम्मुख शीश नवाया और पूजा अर्चना की। दादी की देहरी पर जल चढ़ाकर रोली, मेहंदी, चावल, काजल की तेरह-तेरह टीकी लगाकर दादी भक्तों ने सर्वसुखदायानी सर्वमंगला का पूजन कर पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में दादी से आशीर्वाद मांगा। इस बीच दादी का कीर्तन भी होता रहा। गाओ गाओ मंगलाचार प्रकटी है दादी आज..., सिंह पर सवार होके आई..., जलती रहे झुंझुनूवाली ज्योत तेरी जलती रहे..., सरब सुहागन मिल मंदरिये में आई..., दादी ओढ़ ले टाबरिया थारी चूनड़ी..., प्रकटी है झुंझुनूवाली आज... आदि भजनों पर दादी भक्त जमकर झूमे।
दोपहर 12:15 पर राणी सती दादी को महाप्रसाद चढ़ाया गया। इसके बाद महाआरती हुई। आयोजन में रासबिहारी जालान, माधव जालान, ओम जालान, अम्बरीश जालान, विकास जालान, मोहित जालान, शुभम जालान, किशन जालान, रोहित जालान, विष्णु जालान, प्रेम प्रकाश मिश्र, आशुतोष जालान, सविता जालान, बेला जालान, रंजू जालान, सुनीता जालान, लक्ष्मी जालान आदि की सहभागिता रही।