बीआरडी मेडिकल कॉलेज में होने वाले सालाना खेलकूद व सांस्कृतिक समारोह ‘ब्लेज-2017’ की तैयारी में जुटे सीनियर व जूनियर डॉक्टरों पर दुकानदारों ने वसूली का आरोप लगाया है। सोमवार को सीनियर व जूनियर रेजीडेंट के खिलाफ कैंपस दवा व्यापारियों ने यही आरोप लगाते हुए सड़क जाम कर दी। आरोप है कि दुकानदारों ने चंदे के नाम पर मनमानी रकम देने से इन्कार किया तो डॉक्टर गालीगलौज और मारपीट पर आमादा हो गए। दुकानदारों को धमकी भी दी। हंगामे की जानकारी होने पर दवा विक्रेता संघ के पदाधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पुलिस भी मौके पर आ गई। इस दौरान पुलिस को कोई डॉक्टर नहीं मिला। सीओ चौरीचौरा के समझाने पर दवा व्यापारी शांत हुए। पुलिस ने दवा व्यापारियों की तहरीर पर 50 अज्ञात डॉक्टरों पर केस दर्ज कर लिया है।
ये है मामला
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बाहर मेन रोड के किनारे बड़ी संख्या में मेडिकल स्टोर हैं। दवा विक्रेताओं का आरोप है कि सोमवार को लगभग 12 बजे मेडिकल कॉलेज के सीनियर व जूनियर रेजीडेंट पहुंचे और 10 से 25 हजार रुपये चंदा की मांग हर दुकानदार से करने लगे। इतनी बड़ी रकम चंदे में देने से दुकान संचालकों ने इन्कार करते हुए कहा कि दुकान मालिकों से बात करने के बाद ही कुछ कर सकेंगे। आरोप है कि इस बात से डॉक्टर भड़क उठे। गालीगलौज करते हुए दवाओं की दुकानें बंद कराने की धमकी भी देने लगे।
धमकी से डरे दुकानदार
व्यापारियों का आरोप है कि डॉक्टरों ने कहा है कि यदि बिना इजाजत के दवा की दुकानें खोली गईं तो पिटाई की जाएगी। दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष योगेंद्र नाथ दुबे और महामंत्री आलोक चौरसिया ने कहा कि डॉक्टरों की धमकी से दुकानदार भयभीत हैं। दोनों पदाधिकारियों की मौजूदगी में दवा व्यापारियों ने गुलरिहा थाने के इंस्पेक्टर हरि ओम वाजपेयी से कार्रवाई की मांग की। व्यापारियों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात 50 के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है।