राजीव रंजन
गोरखपुर। चौराहों से गुजरते वक्त राहगीरों का ध्यान न भटके और चारों ओर से आने वाली गाड़ियां स्पष्ट रूप से दिखाई दें, इसके लिए चौराहों से 15 मीटर दूर होर्डिंग लगाने का प्रावधान है, लेकिन शहर के अधिकांश चौराहे होर्डिंग से पटे हैं। बेतरतीब ढंग से लगे ये होर्डिंग न सिर्फ शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं, बल्कि निगम को लाखों के राजस्व का नुकसान भी पहुंचा रहे हैं। यह स्थिति तब है जब नगर निगम ने अभी हाल में ही हाईकोर्ट के आदेश के बाद विज्ञापन नियमावली तैयार की है।
पिछले वित्तीय वर्ष तक शहर के विभिन्न इलाकों में होर्डिंग के लिए नगर निगम ने 16 एजेंसियों को ठेका दिया था, इसके बावजूद उसे अवैध होर्डिंग पर लगाम लगाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी थी, लेकिन इस बार तो नगर निगम ने सिर्फ एक एजेंसी मेसर्स मनीष सिंह को 1.03 करोड़ रुपये में ठेका दिया है। कभी-कभी नगर निगम ऐसे होर्डिंग के खिलाफ अभियान भी चलाता है, मगर कुछ दिन बाद ही स्थिति जस की तस हो जाती है।
ये हैं अवैध विज्ञापन
सड़क को क्रास करते हुए
डिवाइडर पर लगाए गए
नेशनल हाइवे के बिजली के खंभों पर
विज्ञापन के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
निजी भूमि भवन एवं सार्वजनिक स्थल
गोरखनाथ मंदिर के आसपास, विश्वविद्यालय रोड, आरटीओ तिराहे से विश्वविद्यालय गेट तक, सर्किट हाउस रोड
होर्डिंग एवं यूनिपोल के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र
शहर के समस्त मुख्य चौराहों एवं इससे चारों ओर 20 मीटर तक
डीएम आवास, आयुक्त आवास, कार्यालय आयुक्त एवं कार्यालय नगर निगम परिसर
राष्ट्रीय राजमार्ग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के स्वामित्व वाले मार्ग
नगर आयुक्त को दिया गया है विशेष अधिकार
वीवीआईपी मूवमेंट, यातायात एवं सुरक्षा की दृष्टि से भविष्य में ओवरब्रिज के लिए निर्धारित रूट पर पिलर के निर्माण को ध्यान में रखते हुए किसी भी प्रचार के लिए प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित करने के लिए नगर आयुक्त अधिकृत हैं।
अवैध होर्डिंग पर पांच हजार तक हो सकता है जुर्माना
नई नियमावली में अवैध होर्डिंग लगाने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है। प्रथम उल्लंघन पर प्रत्येक दिन के हिसाब से 500 रुपये की वसूली होगी। इसके साथ ही अवैध विज्ञापन पट्ट को साफ करने के लिए दो हजार रुपये और निजी भवन (छत पर) से विज्ञापन हटाने के लिए 10 हजार रुपये तक देना पड़ सकता है।
टीम गठित, दशहरा के बाद शुरू होगी कार्रवाई
चौराहों के 20 मीटर दायरे में लगाए गए सारे होर्डिंग अवैध हैं। यातायात के लिहाज से भी ये खतरनाक हैं। इसके अलावा बहुत सारे मकानों पर अवैध ढंग से होर्डिंग लगे हुए हैं। इनको चिह्नित करने के लिए जोनल अधिकारियों के नेतृत्व में टीम गठित कर दी गई है। दशहरा के बाद इन सबके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
- डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त