गोरखपुर। राप्ती पुल की साइड पटरी (फुटपाथ) पर फल विक्रेताओं के जमावड़े से बढ़ रही जाम की समस्या के खिलाफ एक्शन नगर निगम के एजेंडे में आ गया है। रविवार को नगर आयुक्त नगर निगम और पुलिस टीम के साथ अतिक्रमण हटवाने पहुंचे लेकिन कुछ लोगों ने बाढ़ की आड़ लेकर सरकारी टीम को कार्रवाई नहीं करने दी। रोड की साइड पटरी पर अमरूद के फड़ लगाए तमाम महिलाएं, बच्चे व अन्य फल विक्रेता एकजुट हो गए और नगर आयुक्त को घेरकर कार्रवाई का विरोध करने लगे। हंगामा करती इस भीड़ ने जाम लगा दिया, जिससे राप्ती पुल से लेकर ट्रांसपोर्टनगर और हार्बर्ट बंधे की ओर जाम लग गया।
राप्ती पुल और ट्रांसपोर्ट नगर चौराहे पर आम हो चुके जाम से निजात के लिए सड़क की साइड पटरियों और पुल के फुटपाथ को अवैध कब्जों से मुक्त कराना शहर जरूरी माना जाने लगा है। यहां तकरीबन हर वक्त जाम लगा होने से न सिर्फ एंबुलेंस, दमकल सरीखे इमरजेंसी सेवा के वाहनों को भी निकलने में खासा वक्त लग जाता है बल्कि हादसों की नौबत भी आ जाती है। कुछ दिन पहले बाढ़ बचाव-राहत दल की गाड़ियों को भी जाम से जूझना पड़ा था। नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस की पड़ताल में साफ हुआ कि राप्ती पुल की साइड पटरी पर फलों के करीब 80 ठेले और गुमटियां लगती हैं। इनसे खरीदारी करने वालों के रुके वाहन लखनऊ मार्ग का बड़ा हिस्सा घेर लेते हैं। स्थिति सुधारने के लिए रविवार को टीम सक्रिय हुई लेकिन विरोध देख कुछ गुमटी हटाने की औपचारिकता के बीच कार्रवाई समेटनी पड़ी।
इस बीच वहां पहुंचे पूर्व पार्षद रवींद्र निषाद ने कहा कि इस वक्त बाढ़ के बीच आजीविका का साधन न मिलने से तमाम लोग अमरूद व अन्य फल बेचकर काम चला रहे हैं। इन पर सख्ती न की जाए। नगर आयुक्त ने साफ किया कि फिलहाल कार्रवाई स्थगित की जा रही है लेकिन सड़क या साइड पटरी पर दुकान, खोखा, ठेला, फड़ चलाने की छूट नहीं दी जाएगी। जल्द ही नगर निगम टीम पुलिस के साथ मिलकर अवैध कब्जे हटाएगी, ताकि सड़क और फुटपाथ का इस्तेमाल सुरक्षित आवाजाही के लिए हो सके।