गोरखपुर।
सीएम योगी आदित्यनाथ की नाराजगी के बाद सफाई व्यवस्था को लेकर नगर आयुक्त ने सख्ती शुरू कर दी है। काम में लापरवाही बरतने वाले शहर के चारों जोन के अधिकारियों के अलावा सफाई कर्मचारियों, सुपरवाइजर, ठेकेदार से तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
नगर आयुक्त प्रेमप्रकाश सिंह ने सोमवार और मंगलवार को विभिन्न इलाकों में सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। इस दौरान जगह-जगह गंदगी, कूड़ा पड़ाव केंद्र तक कूड़ा पहुंचाने में लापरवाही पाई गई सफाई व्यवस्था की निगरानी में लापरवाही में चारों जोन के पदाधिकारियों को मुख्य रूप से जिम्मेदार मानते हुए इन सभी को नोटिस जारी करते हुए तीन दिन में स्पष्टीकरण मांगा। साथ ही कहा है कि यथोचित जवाब नहीं मिलने और काम में सुधार न होने पर कठोर कार्रवाई के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। इसके अलावा सफ ाई कार्य में शिथिलता बरतने पर सफाई कर्मी नसरुल्लाह, शहाबुद्दीन, शेर अली, मुख्तार आलम, लोडर अयूब, ड्राइवर लाल यादव ड्राइवर, सफाई ठेकेदार सुनील सिंह, धीरेंद्र सिंह से भी तीन में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
लखनऊ और वाराणसी से आएंगे मोबाइल टॉयलेट
नगर आयुक्त ने बताया कि शहर को खुले में शौच से मुक्त करने के लिए सार्वजनिक शौचालय बनाए जा रहे हैं। जिन स्थानों पर सार्वजनिक शौचालय बनाने के लिए स्थान नहीं है, वहां मोबाइल टॉयलेट लगाने का निर्णय लिया गया है। इसलिए नगर निगम लखनऊ एवं वाराणसी से 10 सीट वाली 5-5 मोबाइल टॉयलेट मंगाया जाएगा। प्रमुख सचिव ने जल्द से जल्द इस मोबाइल टॉयलेट के उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है।
गंदगी फैलाने वाले गिट्टी, बालू दुकानदारों को नोटिस
गोरखपुर। शहर में सड़क के किनारे के दुकानदार गिट्टी, बालू आदि निर्माण सामग्री रखकर गंदगी फैला रहे हैं। साथ ही सड़क पर अतिक्रमण करने से यातायात व्यवस्था भी बाधित हो रही है। नगर आयुक्त ने कहा कि ऐसे दुकानदारों को नोटिस जारी किया जा रहा है। सुधार न होने पर इन सबसे जुर्माना वसूला जाएगा। इसी प्रकार जिन व्यवसायिक प्रतिष्ठान, मैरेज हाउस, नर्सिंग होम द्वारा नगर निगम की सड़क पटरी पर अतिक्रमण किया गया है। उनके खिलाफ भी अभियान शुरू किया जाएगा। जीडीए से ऐसे प्रतिष्ठानों को सील करने का भी अनुरोध किया जाएगा। साथ ही प्रतिबंधित पॉलीथिन जब्ती के अलावा दुकानदारों से जुर्माना भी लिया जाएगा।