गोरखपुर।
शुभ मुहूर्त के बीच राखी बांधने के लिए सड़कों पर निकली भीड़ और जल्द निकलने की होड़ में बेतरतीब गाड़ियों के चलते शहर में कई चौराहों पर भीषण जाम लग गया। इससे ट्रैफिक की सारी व्यवस्थाएं ध्वस्त हो गईं। मोहद्दीपुर, रुस्तमपुर से नौसड़ तक जाम के चलते महज पांच मिनट का सफर लोगों ने घंटों में तय किया। यही नहीं गीडा तक सड़कों पर गाड़ियों का रेला लगा रहा। पुलिस ने देवरिया बाईपास मोड़ से गाड़ियों को डायवर्ट कर फोरलेन की ओर भेजा तो आवागमन कुछ हद तक कंट्रोल हुआ। ट्रैफिक को सामान्य करने में पुलिस और ट्रैफिक पुलिस को तीन घंटे से ज्यादा वक्त लग गया।
सोमवार की सुबह 11 बजे के बाद भीड़ सड़कों पर आ गई। लोग घर में राखी बंधवाने के बाद दूसरे जगहों पर बहनों से राखी बंधवाने के लिए निकल पड़े। महिलाएं भी भाइयों को राखी बांधने के लिए निकलीं तो एकाएक भीड़ बढ़ गई। भीड़ के बीच बेतरतीब गाड़ियां खड़ी करने से जाम बढ़ता गया। मोहद्दीपुर में रुक रुककर घंटों जाम लगा रहा। वहीं रुस्तमपुर चौराहे से लेकर नौसड़ तक लोगों ने आड़ी- तिरछी गाड़ियां लगा दीं, जिससे जाम की स्थिति और भयावह हो गई। जाम का दायरा बढ़ता गया और लखनऊ रूट पर गीडा और वाराणसी रूट पर बाघागाड़ा तक लोग परेशान रहे। शाम तीन बजे के बाद जाम खत्म हुआ।
पांच किलोमीटर लंबे जाम में घंटों फंसे रहे यात्री
शहर की सीमा में दाखिल होने के बाद भी लोगों को घर तक पहुंचने में कई घंटे लग गए। रुस्तमपुर से नौसड़ के आगे तक पांच किलोमीटर लंबे जाम में यात्री घंटों फंसे रहे। रुस्तमपुर, महेवा, नौसड़ में गाड़ियां इस कदर बेतरतीब खड़ी हो गई कि पैदल निकल पाना मुमकिन नहीं था। वहीं फलमंडी के पास सड़कों के किनारे लगे बाजार और माल लेकर जा रही छोटी गाड़ियों के चलते जाम लग गया।
शार्टकट भी काम नहीं आया
जाम का विकराल रूप इस कदर हो गया कि शहर में जाने के लिए स्टेट हाईवे से जुड़ने वाली सड़कों पर भी जाम लग गया। इससे शार्टकट काम नहीं आया और जिन लोगों ने भी इन सड़कोें से निकलने की कोशिश वे बुरे फंसे।
बसों का इंतजार करते रहे लोग
जाम में बसों के फंसने के कारण कचहरी और रेलवे बस स्टेशन पर दो घंटे तक रोडवेज बसें नहीं पहुंची। पैड़लेगंज, रुस्तमपुर चौराहे पर बस का इंतजार करने वालों की भीड़ पूरे दिन लगी रही। बस पकड़ने के लिए पहुंचे यात्री इस बात से परेशान हो गए कि बसें चलेंगी या नहीं। परिवार के साथ इंतजार कर रहे लोगों को वक्त काटना मुश्किल हो गया। जाम खत्म होने के बाद जब बसें आनी लगीं तो लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं रोडवेज से अनुबंधित कुछ बसों के संचालकों ने जाम को देख बसें नहीं चलाई। इससे भी लोगों की मुश्किलें बढ़ गई।
शुभ मुहूर्त में राखी नहीं बांध पाई कई महिलाएं
नौसड़ पर जाम के चलते रोडवेज की बसों में बैठी बहुत सारी महिलाएं काफी देर से भाइयों के घर पहुंची और शुभ मुहूर्त में राखी नहीं बांध पाई। महिलाओं को इस बात का अफसोस था कि जब तक भाई के घर पहुंचेंगे, शुभ मुहूर्त का समय बीत जाएगा। वहीं घर के करीब जाम में फंसे लोग की बेचैनी भी कम नहीं थी। जाम ऐसा था कि घरवालों को बुलाकर भी वे बाइक से भी नहीं जा सकते थे।
रास्ते में ही बीत गया मुहूर्त
राखी बांधने के लिए कौड़ीराम जा रही हूं। डेढ़ घंटे हो गए हैं, बस नौसड़ से आगे नहीं बढ़ी। जब तक घर पहुंचुंगी, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त ही खत्म हो जाएगा।
- पूजा मौर्या
शुभ मुहूर्त में न पहुंचने का अफसोस रहेगा
बड़हलगंज में भाई रहते हैं, सोचा था कि शुभ मुहूर्त के बीच जाकर राखी बांधूंगी। इसे देखकर ही यात्रा का प्लान किया था। लेकिन जाम के चलते सारा प्लान बेकार हो गया।
- रीता देवी
नौसड़ पार करने में लगे 3.30 घंटे
बहन नहीं आ पाई तो उसके घर जा रहा था। नौसड़ पार करने में 3.30 घंटे लग गए। जाम में बस में बैठे-बैठे ही ऊब गया। पुलिस-प्रशासन को ट्रैफिक को लेकर मजबूत इंतजाम करने चाहिए थे।
- मिथिलेश पांडेय
जाम से शेड्यूल बिगड़ गया
जाम में फंसने के बाद पहले सोचा कि घर से किसी को बुलाकर लूं लेकिन जाम में बाइक भी नहीं रेंग रही थी। राखी बंधवाकर आज ही लौटना था पर अब मुमकिन नहीं लग रहा। मेरा तो सारा शेड्यूल ही खराब हो गया।
- सत्यम पांडेय